फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्खास्त प्रधानाध्यापक के अभिलेख बीएसए कार्यालय से गायब

विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। बीएसए कार्यालय से बर्खास्त प्रधानाचार्य के मूल अभिलेख गायब होने से हड़कंप मचा हुआ है। कनिष्ठ लिपिक ने अज्ञात के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक मधुरपाल ने कोतवाली शहर में दी गई तहरीर में बताया कि भरावन के प्राथमिक विद्यालय दखिलौल की प्रधानाध्यापक मुन्नीरानी को कुछ माह पूर्व बर्खास्त किया गया था। इसका वाद न्यायालय में है। इस वाद में अभिलेख लगाने के लिए गठित समिति द्वारा जब इसके मूल अभिलेख चाहे तो वे नहीं मिले। इसके बाद बीएसए के निर्देश पर बेसिक शिक्षा कार्यालय के स्टोर रूम व वरिष्ठ सहायक के कक्ष में भी खोजबीन की गई, फिर भी अभिलेख नहीं मिले। इस पर बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह के निर्देश पर कनिष्ठ लिपिक मधुर पाल की ओर से कोतवाली शहर में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कोतवाली प्रभारी दीपक शुक्ला ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
यह है पूरा मामला
हरदोई। वर्ष 1999 में लखनऊ डायट द्वारा मुन्नीरानी का चयन सहायक अध्यापक पद पर हुआ, वहां से इन्हें जिले में भेजा गया। जिले मेें नियुक्ति के बाद शिकायत हुई कि इन्होंने जाति प्रमाण पत्र गलत लगाया है। जांच हुई और पुष्टि के बाद तीन सदस्यीय कमेटी द्वारा इनकी बर्खास्तगी की गई। इसके बाद बर्खास्त शिक्षिका ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय द्वारा अभिलेख मांगे गए जोकि जिले में नहीं मिले हैं।
विज्ञापन

लखनऊ में भी नहीं मिले अभिलेख
जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उस समय डायट लखनऊ से चयन हुआ तो वहां भी तीन सदस्यीय दल भेजा गया। वहां यह बताया गया कि 20 वर्ष पुराने अभिलेख मौजूद नहीं हैं। यहां डायट से भी पत्राचार हुआ, लेकिन कोई साक्ष्य नहीं पाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें