एसोसिएशन के ट्विटर हैंडल से किया गया ट्वीट। संवाद
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हरदोई। जर्जर सड़कों समेत अन्य समस्याओं से जूझ रहे संडीला औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार को हुई बारिश से पूरा क्षेेत्र जलमग्न हो गया। लंबे समय से अव्यवस्थाओं से निजात दिलाने की गुहार लगा रहे संडीला औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन का भी सब्र टूट गया। एसोसिएशन के ट्विटर हैंडल से प्रदेश सरकार पर तंज कसते हुए ‘संडीला औद्योगिक वाटर पार्क घोषित कर देना चाहिए’ ट्वीट किया।
दरअसल, बात एक साल पहले की है। यहां औद्योगिक क्षेत्र में उद्यम संचालित कर रहे उद्यमियों के संगठन संडीला इंडस्ट्री एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने 12 सितंबर 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें यहां औद्योगिक क्षेत्र की अव्यवस्थाओं से अवगत कराया था। बताया था कि सड़कें खराब होने, प्रकाश व्यवस्था न होने व जगह-जगह जलभराव होने के कारण उद्यमियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं मेंटिनेंस के चार्जेज में तीन गुना तक की वृद्धि करने के बाद भी यूपीसीडा औद्योगिक क्षेत्र की बदहाली दूर नहीं कर रहा है। उद्यमियों की पीड़ा सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल्द से जल्द समस्याओं का निस्तारण कराने का आदेश दिया था। सीएम का आदेश मिलने के बाद सितंबर में पहले यूपीसीडा के तत्कालीन जीएम संदीप चंद्रा व इसके बाद तत्कालीन सीईओ मयूर महेश्वरी ने यहां आकर उद्यमियों के साथ दो बार बैठकें की थीं।
इस दौरान ही सीईओ मयूर महेश्वरी ने सड़क, जलभराव की समस्या दूर करने व प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए सात करोड़ रुपये स्वीकृत किए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद अक्तूबर में क्षेत्र में कुछ लाइटें लगवाई गईं, लेकिन इसके बाद आगे का काम रोक दिया गया। इधर, बारिश के मौसम में औद्योगिक क्षेत्र जलभराव की समस्या से जूझता रहा, लेकिन बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश के बाद पूरा औद्योगिक क्षेत्र तालाब की शक्ल में तब्दील हो गया। फैक्ट्रियों के अंदर तक पानी भर गया। इस तरह जलभराव से हालात बिगड़े तो पदाधिकारियों के सब्र का बांध भी जवाब दे गया। शुक्रवार को पदाधिकारियों ने संडीला इंडस्ट्री एसोसिएशन के ट्विटर हैंडल से बाकायदा एक पोस्ट कर नाराजगी का इजहार करते हुए सरकार पर तंज किया। मुख्यमंत्री व यूपीसीडा को टैग की गई इस पोस्ट में लिया गया है कि जलभराव की स्थिति को देखते हुए सरकार को संडीला औद्योगिक क्षेत्र वॉटर पार्क घोषित कर देना चाहिए। सरकार की हर घर नल से जल योजना हर इकाई जलमग्न में परिवर्तित हो गया है।
यूपीसीडा के अधिकारी से कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ कोरा आश्वासन ही मिला। अधिकारी बातें और घोषणाएं कर गए, लेकिन यहां काम के नाम पर बताने लायक कुछ नहीं हुआ। वर्तमान हालातों में उद्यमियों के लिए काम करना तक मुश्किल हो चला है। अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
- मनोज रायकीय, सदस्य, संडीला इंडस्ट्री एसोसिएशन