पचदेवरा। शहरी क्षेत्रों में पार्कों की तर्ज पर ग्रामीण इलाकों में मनरेगा और राज्यवित्त के बजट से अपनी वाटिका का निर्माण कराया गया। वाटिका में ग्रामीण सैर करें और बच्चे खेलें इस उद्देश्य से इसका निर्माण कराया गया था। जिम्मेदारों की लापरवाही से उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।
भरखनी विकास क्षेत्र के अनंगपुर गांव में भी जूनियर हाईस्कूल की खाली पड़ी जमीन पर अपनी वाटिका का निर्माण कराया गया था। इसमें फलदार, फूलदार, छायादार और औषधीय पौधों को लगाने के निर्देश थे।
सुबह-शाम की सैर करने वालों के लिए इंटरलॉकिंग पाथवे और बैठने के लिए बेंचे बनवाने, सिंचाई के लिए सबमर्सिबल पंप लगाने के लिए निर्देश थे, पर वाटिका में न तो औषधीय पौधे लगाए गए और न ही बेंचे बनवाई गई।
अनंगपुर के प्रवीन सिंह, आलोक सिंह, समरपाल सिंह, ओमवीर सिंह का कहना है कि वाटिका के गेट में हर समय टाला लटकता रहता है।
सचिव प्रवीण कुमार का कहना है कि वह इस समय छुट्टी पर हैं, फिर भी प्रधान से बात करके गेट खुलवाने की व्यवस्था करेंगे।
बेंचे नहीं पड़ी हैं, इसके जवाब में बताया कि अभी तक अनंगपुर ग्राम पंचायत की समिति गठित नहीं हुई है। इसके कारण राज्य वित्त के खाते का संचालन बंद है।