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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में निगरानी के लिए लगे 64 सीसीटीवी कैमरों में से आधे खराब

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फोटो-05- मेडिकल कॉलेज में स्थित पुलिस सहायता केंद्र में बंद पड़ी एलईडी। संवाद
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज परिसर में सुरक्षा इंतजामों की पोल एक बार फिर खुल गई। मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे 64 सीसीटीवी कैमरों में से आधे कैमरे खराब हैं। इसका पता तब चला जब सोमवार को मेडिकल कॉलेज परिसर में महिला से टप्पेबाजी की घटना होने पर पुलिस जांच के लिए पहुंची। सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कवायद शुरू की गई तो पता चला कि कैमरे ही खराब हैं।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में हर रोज लगभग चार हजार लोगों का आना-जाना होता है। इनमें मरीज, तीमारदार और मेडिकल कॉलेज का स्टाफ शामिल है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने और घटना होने पर अहम सुराग जुटाने के उद्देश्य से यहां सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। इमरजेंसी वार्ड समेत सभी वार्डाें में, ओपीडी, फार्मेसी व अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर कुल 64 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। इनमें से भी ज्यादातर कैमरे पिछले कई दिनों से खराब हैं। मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक वार्ड, एसएनसीयू, महिला वार्ड, सेंट्रल लैब समेत कई ऐसे विभाग हैं जो संवेदनशील हैं। यहां के सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। इतना ही नहीं निगरानी के लिए लगे मॉनिटर भी बंद हैं।

केस-1- बीती 26 जून की सुबह महिला अस्पताल से बिलहरी के शिवकांत दीक्षित की पत्नी निधि का नवजात चोरी हो गया था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो पता चला कि पूरे परिसर में सिर्फ आठ कैमरे ही चल रहे हैं। हालांकि, बाहर लगे कैमरों की मदद से पुलिस ने बच्चा खोज लिया लेकिन अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई।
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केस-2- टड़ियावां थाना क्षेत्र के सखौरा गांव निवासी अंशु मिश्रा से भी इसी सोमवार को दो टप्पेबाजों ने झुमके छीन लिए। महिला की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो फिर पता चला कि अस्पताल के कई कैमरे बंद पड़े हैं। हालांकि, अन्य कैमरों से संदिग्धों का अंदाजा हो गया है लेकिन एक बार फिर चूक सामने आई है।


मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़
मेडिकल कॉलेज में मरीजों की सुरक्षा से लगातार खिलवाड़ हो रहा है। कैमरे बंद होने से अराजकतत्व लगातार सक्रिय हैं और वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इसके बाद भी अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया और इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस लापरवाही से न केवल मरीजों की सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि अस्पताल के कर्मचारियों को भी असहज महसूस हो रहा है।


मेडिकल कॉलेज में वैसे तो सभी कैमरे चालू हैं, कभी कभार तकनीकी खराबी से एक दो बंद हो जाते हैं तो उन्हें दुरुस्त करा दिया जाता है।माॅनिटर बंद होने के बारे में जानकारी नहीं हैं। अगर तकनीकी समस्या से बंद हैं तो उन्हें तत्काल दुरुस्त करा दिया जाएगा। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

फोटो-05- मेडिकल कॉलेज में स्थित पुलिस सहायता केंद्र में बंद पड़ी एलईडी। संवाद

फोटो-05- मेडिकल कॉलेज में स्थित पुलिस सहायता केंद्र में बंद पड़ी एलईडी। संवाद

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