हरदोई। बेहंदर इलाके में इन दिनों सड़क, नहर पटरी के किनारे खड़े हरे शीशम, आम, नीम व जामुन के पेड़ सूख रहे हैं। इसके बाद भी वन विभाग के जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। वन विभाग की ओर से हर वर्ष लाखों पेड़ लगाए जाते हैं, जिनमें कुछ बिना देखरेख सूख जाते हैं।
इस समय सड़कों के किनारे लगाए गए पेड़ किसी बीमारी या दीमक के कारण सूख रहे हैं। यही नहीं किसानों के खेतों में खड़े पेड़ भी अछूते नहीं रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा शीशम के पेड़ सूख रहे हैं।
संडीला-बांगरमऊ रोड, बेहंदर-असही मार्ग, कलरावा-गौसापुर मार्ग व शारदा नहर पटरी समेत संडीला-मल्लावां मार्ग किनारे पर पेड़ सूखने का सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन अभी तक विभाग पेड़ सूखने के कारण भी पता नहीं लगा पाया है।
जानकारों के मुताबिक, क्षेत्र में दीमक के कारण पेड़ सूखने की आशंका लग रही है। कासिमपुर के अशोक बताते हैं कि लगभग दो वर्षों से इलाके में नीम, शीशम के पेड़ असमय से सूख रहे, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।
बड़ागांव के लालता बताते हैं कि नीम, शीशम, जामुन के पेड़ बहुत तेजी से सूख रहे हैं। यही स्थिति रही तो पर्यावरण के लिए खतरा हो सकता है। वन विभाग के अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
सिरौली के संजय कहते हैं कि सबसे ज्यादा शीशम के पेड़ कुछ महीनों में ही सूख हो रहे हैं। विभाग के अधिकारी यदि समय पर सतर्क हो जाएं तो इलाक़े में हरियाली को नष्ट होने से बचाया जा सकता है।