संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज की खरीद की गति तेज नहीं हो पा रही है। धान क्रय केंद्र पर तो एक दो किसान पहुंचने लगे हैं, मगर मोटे अनाज के केंद्राें पर सन्नाटा नहीं टूट रहा है। किसानों के पंजीकरण की संख्या भी बढ़ नहीं पा रही है। वहीं व्यापारियों की आढ़त पर उपज बढ़ने लगी है।
जिले में धान खरीद के लिए 143 और मोटे अनाज की खरीद के लिए 19 केंद्र बनाएं गए है। जहां पर धान और मोटे अनाज की खरीद होनी है। धान क्रय केंद्रों पर उपज लेकर किसान पहुंचने लगे हैं, मगर मोटे अनाज के केंद्र पर अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि सरकार की ओर से मक्का का 2090 रुपये, बाजरा का 2500 रुपये और ज्वार का 3190 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य घोषित किया जा चुका है।
उपज बेचने के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। विभागीय आंकड़ों की माने तो धान खरीद के लिए अब तक 3200 किसानों ने पंजीकरण कराया और मोटे अनाज के लिए किसानों के पंजीकरण की संख्या दहाई का अंक नहीं छू पाई है। धान की कई क्विंटल खरीद हो चुकी है, मगर मोटे अनाज की खरीद शुरू नहीं हुई है। डिप्टी आरएमओ निहारिका ने बताया कि मोटे अनाज के लिए पहली बार खरीद की व्यवस्था की गई है। किसानों को उपज के लिए प्रोत्साहित और जागरूक किया जा रहा है। धान की उपज लेकर किसान केंद्र पर पहुंच रहे हैं।