विशेष सचिव शिवसिंह यादव ने गुरुवार शाम ब्लाक का
औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से
हुए नुकसान को लेकर प्रदेश सरकार ने ऋणों की वसूली रोक दी है। साथ ही
उन्हें नए ऋण देने पर रोक नहीं लगाई गई है।
विशेष सचिव ने कहा कि 20 से
30 अप्रैल के बीच एसडीएम, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार व बैंक के अधिकारी
ब्लाक कार्यालय में बैठेंगे और वहीं पर किसानों की समस्याओं का निराकरण
करेंगे। उन्होंने इस दौरान किसानों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं को
एसडीएम व बीडीओ को बताए और बैंक के अधिकारियों से बैठक करके उनकी समस्याओं
का समाधान करें।
उन्होंने आदेश दिए कि कोई बैंक भी किसी भी किसान का
उत्पीड़न नहीं करेंगे और उनसे वसूली नहीं की जाएगी। किसानों की बीमा राशि
सीधे उनके खातों में भेजी जाएगी। इसके अलावा जो भी राहत एसडीएम द्वारा
स्वीकृत करके भेजी जाएगी उसे कैं प लगाकर लाभार्थियों को वितरित किया
जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्राम वासियों की ऋण संबंधी जो भी प्रार्थना पत्र
अभी पेंडिंग हैं, उन्हें नए वित्तीय वर्ष में शामिल किया जाएगा। उन्होंने
कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत महिलाओं को
स्वावलंबी बनाने को उनके स्वयं सहायता समूह बनवाकर उनको ट्रेनिंग दिलाई जाए
और उन्हें बैंकों से वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाए, जिससे वे छोटे-छोटे
रोजगार स्थापित करके अपना आर्थिक स्तर ऊपर उठा सकें।
इस अवसर पर एसडीएम
संजीव सिंह, खंड विकास अधिकारी वीना शुक्ला एवं ब्लाक के अधिकारी व
कर्मचारी मौजूद थे। उधर, विशेष सचिव के बाहर निकलने पर ब्लाक पर मौजूद
ग्रामीणों ने मौलवी खेड़ा से अहिरनखेड़ा तक बनने वाली सड़क में लग रही पीली
ईंटों को दिखाया। इस पर उन्हाेंने इसकी जांच करने को एसडीएम को कहा। विशेष
सचिव ने ब्लाक के सभी कमरों में जाकर पटल के कर्मचारियाें से पूछताछ की।