- बजट और भूमि होने के बाद भी जिम्मेदारों की मनमानी काम पर पड़ रही भारी
- साल 2024 उपलब्धियां भी जोड़ गया, बेरा मशीन और ऊंचा थोक में बनेगा ओवरहेड टैंक
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। साल 2024 जाते-जाते कई काम अधूरे छोड़ गया है, हालांकि जिले में बड़ी उपलब्धियां भी जुड़ी हैं। शहीद उद्यान के सुंदरीकरण सहित कई परियोजनाएं पूरी न हो पाईं, जबकि बहरापन के प्रमाण पत्र के लिए बेरा मशीन की स्थापना हुई है। मोहल्ला ऊंचाथोक में एक दशक बाद फिर से जलापूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन डलवाए जाने के काम को स्वीकृति मिली है।
फोटो 03 : शहीद उद्यान। संवाद
बीत गया साल, शुरू न हो सका काम : वंदन योजना में शहीद उद्यान का सुंदरीकरण कराया जाना है। नगर विकास विभाग ने इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में 1,99,28,000 रुपये की स्वीकृति दी। चुनाव की अधिसूचना खत्म होने के बाद 15 जुलाई 2024 को शासन ने 99,64,00,000 रुपये दे दिए थे। काम कराने के लिए जिम्मेदारों ने शुरू में तेजी दिखाई, लेकिन यह तेजी कागजों तक ही सीमित होकर रह गई। अभी तक शहीद उद्यान में सुंदरीकरण का काम शुरू भी नहीं हो सका है।
फोटो 04 : गौराडांडा में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज की नींव और किया जा रहा मिट्टी भरान। संवाद
नौ माह में नर्सिंग कॉलेज भवन की सिर्फ नींव बनीं : स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही मार्च 2024 में गौराडांडा में नर्सिंग कॉलेज के लिए शासन ने स्वीकृति दी थी। चिकित्सा शिक्षा विभाग 9,61,00,000 रुपये की स्वीकृति मार्च में ही दे दी थी। शासन ने उप्र समाज निर्माण निगम को काम कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई। शासन ने 2,00,00,000 रुपये भी कार्यदायी संस्था को दिए थे। करीब नौ माह में अभी तक कॉलेज की नींव स्तर तक ही काम पूरा हो पाया है। अब मिट्टी का भराव कराया जा रहा है।
फोटो 05 : रामगंगा नदी पर निर्माणाधीन बड़ागांव-अर्जुनपुर पुल। संवाद
नहीं पूरा हो पाया रामगंगा नदी पर अर्जुनपुर पुल : रामगंगा नदी पर कटियारी क्षेत्र में अर्जुनपुर-बड़ागांव के पास फर्रुखाबाद और जिले के गांवों को जोड़ने के लिए पुल निर्माण को स्वीकृति अक्तूबर 2021 में मिली थी। पुल बनाने की जिम्मेदारी उप्र राज्य सेतु निगम लि. को दी गई है। काम के लिए 1,06,79,00,000 रुपये की स्वीकृति दी और 1,00,20,00,000 रुपये दिए थे और विभाग ने काम भी कराया, लेकिन बाढ़ के कारण पुल का एप्रोच मार्च कट गया। जिससे पुल की लागत भी बढ़ गई है। शासन ने पुल की लंबाई 350 मीटर और बढ़ाने की स्वीकृति दी है। जिसके लिए करीब 30,00,00,000 रुपये खर्च होंगे। शासन ने रुपये भी दे दिए हैं। अब पुल की लंबाई करीब 1,749 मीटर हो जाएगी।
फोटो 06 : क्षतिग्रस्त पाली-सहजनपुर-रामापुर छैया मार्ग। संवाद
बजट मिलने के बाद भी नहीं शुरू हो सका काम: शाहजहांपुर की सीमा से पाली-सहजनपुर-रामापुर छैया मुख्य जिला मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए शासन ने मई-2023 में स्वीकृति दी थी। काम की जिम्मेदारी लोनिवि को सौंपी गई। चौड़ीकरण के लिए 54,97,00,000 रुपये की स्वीकृति दी। मई 2023 में ही 5,50,00,000 रुपये भी दे दिए। निविदा भी कराई गई, लेकिन निविदा में वित्तीय दर को लेकर फर्म संचालकों ने विवाद पैदा कर दिया, अभी तक काम ही शुरू नहीं हो पाया।
फोटो 10 : हरपालपुर क्षेत्र में बेड़ीजोर-अरवल मार्ग पर क्षतिग्रस्त निर्माणाधीन पुलिया। संवाद
दो साल बाद भी नहीं बन पाई पुलिया: हरपालपुर में बेड़ीजोर-अरवल मार्ग पर पुलिया निर्माण का काम 2022 में लोनिवि ने शुरू कराया था। करीब 2,00,00,000 रुपये की स्वीकृति मिली थी। काम कराया गया, लेकिन पुलिया की स्लैब नहीं बन पाई थी। बाढ़ में निर्माणाधीन पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके बाद से काम ही बंद है। पुलिया न बन पाने से दहेलिया, बेड़ीजोर, परचौली, बारामऊ, बरान, मुरवा शहाबुद्दीनपुर, खद्दीपुर, बेहथर और अरवल आदि गांव के करीब 20,000 से अधिक लोगों को हरदोई जनपद मुख्यालय और फर्रुखाबाद और कन्नौज आदि जाने के लिए करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है।
फोटो 07 : क्षतिग्रस्त पिहानी-बूढ़ागांव मार्ग। संवाद
पिहानी-बूढ़ागांव मार्ग का नहीं हुआ कायाकल्प : पिहानी-बूढ़ागांव मार्ग वैसे तो जिले को सीतापुर से जोड़ता है। मार्ग के 8.45 किलोमीटर लंबाई में मार्ग की चौड़ाई तीन मीटर की है। लोनिवि ने जनपद सीमा में आने वाले 8.45 किमी. लंबाई में तीन मीटर चौड़ाई में सतह सुधार के लिए शासन को 2023-24 में इस्टीमेट भेजा था। शासन ने मार्च-2024 में 4,49,00,000 रुपये की स्वीकृति दी। 2,00,00,000 रुपये भी दे दिए। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की मांग रख दी। तीन मीटर चौड़ाई में काम का विरोध किया। ऐसे में सतह सुधार का काम बंद करा दिया गया। मार्ग वैसे ही क्षतिग्रस्त है। 19 अगस्त को लोनिवि ने दोबारा से 23,98,37,000 रुपये की कार्ययोजना शासन को भेजी है। अभी स्वीकृति बाकी है। ऐसे में इस साल में न तो मार्ग की सतह सुधर पाई और न चौड़ीकरण हो पाया।
और यह मिल गई सौगात
फोटो 08 : मोहल्ला ऊंचाथोक में इसी स्थान पर अब बनेगा ओवरहेड टैंक। संवाद
ऊंचाथोक में ओवरहेड टैंक को मिली स्वीकृति: साल 2024 ने जाते-जाते मोहल्ला ऊंचाथोक में ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन के काम को स्वीकृति दे दी है। प्रमुख सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय तकनीकी समिति ने भी काम कराए जाने पर मुहर लगा दी है। ऊंचाथोक में 39,56,00,000 रुपये ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन का काम कराया जाएगा। काम की जिम्मेदारी उप्र जल निगम नगरीय को सौंपी गई है और शासन ने काम कराने के लिए 7,12,00,000 रुपये दे दिए हैं।
फोटो 09 : 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में बेरा मशीन पर काम करते ऑडियोलाजिस्ट। स्रोत : आर्काइव
बहरा होने के प्रमाण पत्र के लिए नहीं जाना होगा लखनऊ : दिव्यांग प्रमाण पत्र दिव्यांगता की श्रेणी के अनुसार जारी किए जाते हैं। बहरा होने का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जरूरतमंदों को अभी तक लखनऊ व अन्य जनपदों में जाकर जांच करानी होती थी। अमर उजाला फाउंडेशन के दिव्यांगजन सहायता शिविर में दिव्यांगजन की समस्या को उठाया गया। लोकसभा क्षेत्र हरदोई के सांसद जयप्रकाश रावत ने सांसद निधि से बेहरा प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बेरा मशीन के लिए 8,00,000 रुपये की स्वीकृति दी। 100 शैय्या चिकित्सालय में बेरा मशीन से जांच होने लगी है। अब दिव्यांग को प्रमाण पत्र के लिए दूसरे जिले की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।