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डंपिंग यार्ड की सड़ांध में स्कूल, 400 बच्चों को पालिका गई भूल

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आलूथोक दक्षिणी में मोहन लाल जूनियर हाईस्कूल व कन्या प्राथमिक स्कूल के पीछे कुछ इस तरह जमा किया गय - फोटो : HARDOI
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हरदोई। नगर पालिका कुछ वार्डों से गंदगी हटाने के लिए जहां डंपिंग यार्ड समाप्त कर रही है, वहीं कुछ मोहल्लों में कूड़ाघर जैसी स्थिति है। मोहल्ला आलूथोक दक्षिणी में चार सरकारी स्कूलों के पीछे पांच मोहल्लों का कूड़ा डाला जाने लगा है। कूड़े के अंबार से उठने वाली सड़ांध राहगीरों और 400 स्कूली बच्चों का जीना मुहाल किए है। शिक्षकों की शिकायत पर सभासद ने पालिका चेयरमैन से कूड़ाघर कहीं और स्थानांतरित करने की मांग की है। मोहल्ले में संक्रामक रोग फैलने की आशंका है।
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शहर का आलू थोक दक्षिणी (वार्ड 16) का कूड़ा अभी तक बावन चुंगी के निकट स्थित मोहन लाल जूनियर हाईस्कूल, कन्या जूनियर हाईस्कूल के पीछे सड़क की ओर डाला जाता था। इस कूड़ाघर से बच्चे व शिक्षक ही नहीं बल्कि राहगीर भी आजिज थे और कई बार नगर पालिका को पत्र भेजकर इस कूड़ा घर को हटवाने की मांग कर चुके हैं। इसका निस्तारण होना तो दूर नई व्यवस्था में पालिका ने आलूथोक उत्तरी वार्ड नंबर एक, ऊंचाथोक वार्ड चार, वैटगंज 17, देविनपुरवा वार्ड 13 का कूड़ा भी इसी स्थान पर डलवाना शुरू कर दिया।
जिससे मोहल्ले की स्थिति बदतर हो गई। रात दिन इस कूड़ा घर से उठने वाली सड़ांध से लोग परेशान हैं। सबसे अधिक समस्या दो परिषदीय व दो प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को है। 400 बच्चों की कक्षाएं सुबह नौ से लगती हैं। दोपहर दो बजे तक कूड़ा रोजाना पड़ा रहता है। इस बीच सड़ांध से बच्चे परेशान रहते हैं। शिक्षक राजीव त्रिपाठी ने बताया कि स्थिति अब असहनीय है। उन्होंने सभासद शिवसेवक गुप्ता को स्थिति से अवगत कराया। कहा कि बच्चे बीमार होंगे तो जिम्मेदारी पालिका की होगी।
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अभी तक सांडी रोड पर डाला जाता था कूड़ा
ऊंचाथोक व मोहल्ला वैटगंज का कूड़ा अभी तक सांडी रोड पर डाला जाता था। लेकिन वहां से कूड़ाघर हटाने की मांग होने के बाद सांडी रोड से तो कूड़ाघर हटवा दिया गया लेकिन उन मोहल्लों का कूड़ा वार्ड नं 16 में स्कूल के पीछे ही डाला जाने लगा।
आलूथोक उत्तरी व वैटगंज का कूड़ा भी यहीं डंप
हरदोई। सभासद शिवसेवक का आरोप है कि आलूथोक उत्तरी व वैटगंज का कूड़ा भी उन मोहल्लों से उठाकर यहीं डंप कर दिया जाता है। जिससे यह मोहल्ला नरक बन गया है।
सभासद शिवसेवक गुप्ता ने बताया कि मोहल्लेवासी परेशान हैं। संक्रामक रोग फैला तो जिम्मेदारी उनकी होगी, लेकिन पालिका सुनने को तैयार नहीं। उन्होंने चेयरमैन सुख सागर मिश्रा से बावन रोड पर कूड़ा डलवाने की बात कही। जिस पर अभी तक अमल नहीं किया गया। न हुई सुनवाई तो लोगों के गुस्से को रोक पाना उनके लिए संभव नहीं होगा।
मोहल्ले के शमी खान का कहना है कि स्कूल के पास तो कूड़ाघर का पहले ही कोई औचित्य नहीं था। क्या सोचकर पालिका ने यहां अन्य मोहल्ले का कूड़ा लाकर डाल दिया। ये बात गले नहीं उतर रही है।
मोहल्ले की ज्ञानवती गुप्ता का कहना है कि नगर पालिका से जब मोहल्लेवासी मांग कर रहे हैं तो उसको सुनना चाहिए। इस तरह की मनमानी उचित नहीं है। बीमारी फैली तो निश्चित तौर पर पालिका की ही जिम्मेदारी होगी।
सुनील अग्निहोत्री ने बताया कि लोगों मेें इस कूड़े के अंबार को लेकर गुस्सा व्याप्त है। कभी भी जनाक्रोश बाहर आ सकता है। क्योंकि इस नरक सी स्थिति में कोई भी नहीं रह सकता। पालिका को इस ओर सार्थक कदम उठाने ही होंगे।
मोहल्ले के रामेश्वर गुप्ता का कहना है कि बावन रोड पर स्थान है, सभासद ने उन्हें दिखाया भी है और प्रस्ताव भी दिया है। तो पालिका को कूड़ा वहीं डंप करना चाहिए। इस बिना घेराव वाले कूड़ाघर में आधे शहर का कूड़ा लाकर क्यों डंप किया जा रहा है, ये समझ से परे है।
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