कछौना। ग्राम पंचायत दीननगर से रानी बाग तक जाने वाले पांच किलोमीटर लंबे दीननगर-कछौना मार्ग के जर्जर होने से दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। हाल ये है कि सड़क तालाब में तब्दील हो गई है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत की गई लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
विकासखंड कछौना अंतर्गत दीननगर-कछौना संपर्क मार्ग से दीननगर, बसंतपुर, उचौली, पहावां, गोविंदपुर, छतनखेड़ा, सूरतखेड़ा व महिपालखेड़ा, बहंकटवा समेत अन्य कई गांव जुड़े हैं। इस सड़क पर लोगों का आवागमन बना रहता है। सड़क का निर्माण लगभग 10 वर्ष पहले हुआ था। तब से मरम्मत व देखरेख के अभाव में सड़क जर्जर हो गई है। गड्ढों में तब्दील सड़क में पानी भरने से राह और मुश्किल हो गई है। यहां से पैदल निकलना भी मुश्किल है। आए दिन हादसे भी होते रहते हैं। क्षेत्र के रहने वाले ऋषि सिंह, संजीव सिंह, रजत सिंह, मोहम्मद नईम, अनूप गुप्ता, पंकज कुमार, डॉ. अमरपाल, अशोक व बांके आदि ने बताया कि कई सालों से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से लगातार सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सड़क का नए सिरे से निर्माण हो जाए तो काफी राहत मिलेगी।
लोगों ने बताई परेशानी
क्षेत्र के ग्राम छतनखेड़ा निवासी अशोक ने बताया कि तीन-चार साल से सड़क की हालत बद्तर है। आवागमन मुश्किल हो गया है। लेकिन मजबूरी में लोगों को यहां से गुजरना पड़ता है। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। सड़क बनने से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित होंगे।
ग्राम दीननगर निवासी ऋषि सिंह ने बताया कि क्षेत्र के विधायक व सांसद समेत कई बार अधिकारियों के सामने सड़क की दुर्दशा का मामला उठाया जा चुका है। हर किसी से केवल आश्वासन मिलता है, अब तक सड़क निर्माण की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
दीननगर निवासी बिजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सड़क जर्जर होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। दिन में तो लोग जैसे-तैसे निकल जाते हैं, लेकिन रात में दुर्घटना का भय बना रहता है। कहां पर गड्ढा है और कहां पर सड़क, ये अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।
दीननगर गांव निवासी नितिन ने बताया कि क्षेत्र के लोगों को बाजार जाना हो या डॉक्टर के पास, सभी को इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। सड़क पर चलना सजा की तरह है। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। इसके निर्माण से दर्जनों गांवों के लोगों को राहत मिलेगी।
फोटो-31- अशोक। संवाद- फोटो : HARDOI
फोटो-32- ऋषि सिंह। संवाद- फोटो : HARDOI
फोटो-33- बिजेंद्र बहादुर सिंह। संवाद- फोटो : HARDOI
फोटो-34- नितिन। संवाद- फोटो : HARDOI