मल्लावां। नगर के नसरतनगर में अवैध बूचड़खाना संचालित किए जाने का मामला तूल पकड़ गया है। मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उधर दूसरी ओर क्षेत्रीय विधायक आशीष सिंह आशू ने भी सख्त रुख अपनाया है। विधायक ने कहा कि किसी भी हाल में बूचड़खाना चलने नहीं दिया जाएगा।
नगर के मोहल्ला नसरतनगर निवासी कुछ लोग सोमवार सुबह साढ़े छह बजे मवेशी काटकर उनके बचे अवशेष सड़क पर फेंक रहे थे। इस पर मोहल्ले के ही साहिबे आलम ने विरोध किया। इससे नाराज अख्तर, जब्बार, तौफीक, तकदीर, जाबिर, अनवर, इमरान और जीशान ने साहिबे आलम पर हमला कर दिया था। उसे बचाने आए पिता कमरुद्दीन और मां कैसर के साथ भी मारपीट की थी। पुलिस ने साहिबे आलम की तहरीर पर आठों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
सीओ हरेकृष्ण शर्मा के मुताबिक, तौफीक, मोहम्मद जाबिर, अजमेरी और मोहम्मद उस्मान को गिरफ्तार किया गया है। पूरे मामले की शिकायत स्थानीय लोगों ने विधायक आशीष सिंह आशू से भी की। इस पर विधायक ने कहा कि भाजपा सरकार में कोई भी अनैतिक काम नहीं होने दिया जाएगा। नवरात्र के पहले दिन हुई घटना से लोग आहत हैं। उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
तो किसकी शह पर चल रहा था अवैध बूचड़खाना
नसरतनगर में हुई घटना ने स्थानीय पुलिस और पालिका प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक से शिकायत कराने पहुंचे मोहल्लावासियों ने दावा किया कि 12 साल से अवैध बूचड़खाना चल रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि इतने लंबे समय से चल रहे बूचड़खाने की भनक स्थानीय पुलिस और नगर पालिका के जिम्मेदारों को क्यों नहीं लगी। आम चर्चा है कि स्थानीय पुलिस के सहयोग और नगर पालिका के जिम्मेदारों की बंद आंखों के कारण अवैध बूचड़खाना संचालित हो रहा था। हालांकि, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र इससे इन्कार करते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में कहीं से भी अवैध बूचड़खाना संचालित होने की जानकारी नहीं मिली। अब मामला सामने आया है तो इसमें जो भी शामिल होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।