हरदोई। गंभीर चोट पहुंचाने के 27 साल पुराने मामले में एक अभियुक्त को दोषी करार दिया गया है।
विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति उत्पीड़न सुनील कुमार सिंह ने अभियुक्त को तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने न देने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। एक अभियुक्त की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
पचदेवरा थाना क्षेत्र के खेरिया गांव निवासी दीना ने 17 अगस्त 1998 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह राजमिस्त्री है। घटना के दिन वह अपने पुत्र लालबहादुर के साथ कुर्रिया कला में काम करने जा रहा था। गांव के पास पहुंचने पर पचदेवरा थाना क्षेत्र के गांव खेरिया मजरा सुल्तानपुर निवासी नन्हें भइया, शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के नई बस्ती निवासी राजेश उर्फ बक्खन आ गए। जाति सूचक गालियां देने लगे।
मना करने पर इन लोगों ने लाठी से राजमिस्त्री को पीट दिया था। इस कारण राजमिस्त्री के हाथ और पैर में चोट लगी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अनुसूचित जाति उत्पीड़न व मारपीट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान नन्हें भइया की मौत हो चुकी है। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने राजेश को गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।