हरपालपुर/ बिलग्राम। गंगा, रामगंगा व गर्रा का जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ का दायरा बढ़ गया है। सैकड़ों गांवों और खेतों में पानी भर गया है। हरपालपुर क्षेत्र में कई स्कूल व अरवल थाने के अंदर भी पानी भर गया है। लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में गांव छोड़कर जा रहे हैं। मंगलवार को डीएम अविनाश कुमार ने विधायक आशीष सिंह आशू के साथ बिलग्राम में व एडीएम वंदना त्रिवेदी ने हरपालपुर क्षेत्र में भ्रमण कर बाढ़ व राहत कार्यों की स्थिति देखी।
डीएम अविनाश कुमार ने बिलग्राम क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित ग्राम छिबरामऊ, चिरंजू पुरवा, मक्कूपुरवा, कटरी, कटरी परसोला व कटरी बिछोईया का निरीक्षण किया। विधायक व डीएम ने बाढ़ प्रभावित लोगों से वार्ता कर हर संभव दिलाने का आश्वासन दिया। डीएम ने एसडीएम व बीडीओ को प्रभावित लोगों तक भोजन पहुंचाने व कटान वाले क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। वहीं एडीएम वंदना त्रिवेदी ने एसडीएम प्रत्यूष पांडेय के साथ क्षेत्र के ग्राम बारामऊ, अरवल, कटरी छोछपुर, ढकपुरा अदनिया, अंधैया गांव का निरीक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों को खाना वितरित किया। एसडीएम ने बताया कि 19 राजस्व गांव सहित करीब 100 मजरे बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। क्षेत्रफल का सर्वे कराया जा रहा है। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दो स्टीमर व छह नाव लगाई गईं हैं।
कई मार्गों पर भरा पानी
नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद श्यामपुर-तिथिगांव डामर सड़क, चंद्रमपुर से कढ़हर डामर रोड, अर्जुनपुर से कढहर डामर रोड, खद्दीपुर से बेहथर मार्ग, बेहथर से अरवल जाने वाले मार्ग, दहेलिया से मुरबा शहाबुद्दीनपुर जाने वाले मार्ग, मुरबा शहाबुद्दीनपुर से अदनिया जाने वाले मार्ग व ढकपुरा से बारामऊ जाने वाले मार्ग पर पानी भर गया है। रामगंगा व गंभीर के बीच के बसे गांव को जोड़ने वाली सभी कच्ची सड़कें भी जलमग्न हैं। वहीं बिलग्राम में कटरी परसोला, कटरी छिबरामऊ, कटरी तेरवाकुल्ली, मगरहा पंचशाला, माहिमपुर, कुतुआपुर पंचशाला, शाहपुर पवार, मलबा अखवेलपुर, हसनापुर पंचशाला, कोइलाई, नसीरपुर, म्योरा व कुतुआपुर आदि गांवों के आसपास पानी भर गया है।
गांव व खेतों में भरा पानी
सवायजपुर/सांडी। तहसील क्षेत्र से लगभग 10 किलोमीटर कम दूरी पर बह रही रामगंगा नदी के बढ़े जलस्तर से क्षेत्र के साईं, शिवपुरी, अलीगंज ननखेरिया व चकौती सहित कई गांवों व आसपास के खेतों में पानी भर गया है। सांडी में गर्रा नदी व सुखेता नाला का जलस्तर बढ़ने के बाद ग्राम दक्षिण नोनखारा, मलवा के मजरा चुन्नीपुरवा समेत कई गांव व उसके आसपास पानी भर गया है। अलियापुर व मानीमऊ गांव के आसपास कटान हो गई है। दहर झील तक जाने वाले नाले के उफान पर आने से बड़ी मात्रा में फसलें जलमग्न हो गईं हैं। (संवाद)
खेत पर गड्ढे में डूबा किसान, मौत
मल्लावां। कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर के मजरा हरीगंज निवासी राकेश (38) मंगलवार दोपहर खेत पर लगी मिर्च की फसल देखने गया था। गांव व खेत के आसपास गंगा का पानी का पानी भर गया है। खेत जाते वक्त वह जलभराव से होकर गुजर रहा था, इसी बीच एक गड्ढे में भरे पानी में वह डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। राकेश काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों व ग्रामीणों ने आसपास हुए जलभराव में जाल डलवाया तो उसका शव मिल गया। (संवाद)