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Hardoi News: बाढ़ से बचाव के लिए 36 करोड़ की पांच परियोजनाओं को मिली मंजूरी

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हरदोई। गंगा, रामगंगा और गर्रा की बाढ़ से नुकसान को बचाने के लिए शासन ने जनपद की पांच परियोजनाओं को मंजूरी दी है। कटाव निरोधक कार्य कराने की इन परियोजनाओं के लिए कुल 36 करोड़ 15 लाख 64 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन ने स्वीकार किया है। इनमें दो परियोजनाएं बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र की हैं। सवायजपुर, शाहाबाद और सदर विधानसभा क्षेत्र की एक-एक परियोजना को मंजूरी मिली है।
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कई नदियां जनपद से होकर गुजरती हैं। इनमें गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी प्रमुख हैं। इन नदियों में बाढ़ आने पर बड़े पैमाने पर नुकसान होता है। न सिर्फ फसलें डूब जाती हैं बल्कि खेतों और मकानों का कटान भी हो जाता है। गत वर्ष आई बाढ़ के दौरान जनपद के लगभग 200 गांव प्रभावित हुए थे। यह हाल तब था जब पूर्व की कटाव निरोधक परियोजनाओं से बड़ी संख्या में गांवों को बाढ़ की जद में आने से बचा लिया गया था।
अब इसी क्रम में पांच और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। बीते दिनों हुई कैबिनेट की बैठक में पांच परियोजनाओं को मंजूरी देने पर सहमति हुई है। दरअसल, जनपद में बाढ़ बरसात के साथ ही पहाड़ों पर भीषण बारिश होने के कारण आती है। ऐसे में शासन का मानना है कि अभी से ही अगर कटाव निरोधक कार्य शुरू कर दिए जाएंगे तो बाढ़ का समय आने से पहले ही यह कार्य पूरे भी हो जाएंगे।
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इन परियोजनाओं को मिली मंजूरी
. गंगा नदी के बायें किनारे स्थित मदारीपुरवा में कटाव निरोधक कार्य 645.67 लाख रुपये से।
. गंगा के बायें किनारे स्थित गुलाबपुरवा और गोकुलपुरवा में कटाव निरोधक कार्य 999.35 लाख रुपये से।
. रामगंगा नदी के बायें किनारे स्थित बरान और टपुआपुर में कटाव निरोधक कार्य 887.34 लाख रुपये से।
. गर्रा नदी के बायें किनारे स्थित पुरवा पिपरिया और परियल में कटाव निरोधक कार्य 588.63 लाख रुपये से।
. गर्रा नदी के बायें किनारे स्थित झौहाना और लोनार में कटाव निरोधक कार्य 494.65 लाख रुपये से।



बचेगी 722 हेक्टेयर भूमि, 2160 पेड़
उक्त पांच परियोजनाओं का काम पूरा होने के बाद काफी राहत मिलेगी। अब तक हर वर्ष औसतन 722 हेक्टेयर भूमि उक्त गांवों में बाढ़ में कट जाती है। 163 पक्के मकान, 192 कच्चे मकान भी औसतन हर साल इन गांवों में बाढ़ से कट जाते हैं। इसके अलावा 2160 पेड़ भी औसतन हर साल इन गांवों में बाढ़ के कारण प्रभावित होते हैं।


कटाव निरोधक कार्य की पांच परियोजनाओं को शासन ने मंजूरी दी है। उक्त परियोजनाएं संंबंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर तैयार की गई थीं। प्रयास रहेगा कि बाढ़ आने से पहले ही पांचों परियोजनाओं का कार्य पूरा कर लिया जाए। परक्यूपाइन और स्लोफ पिचिंग का कार्य कराया जाएगा। -अजय चौधरी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई
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