हरदोई। जिला महिला अस्पताल में टीकाकरण के लिए सेंटर बना है। यहां पर दूसरी मंजिल व बूस्टर डोज व तीसरी मंजिल पर किशोरों को टीके लगाए जा रहे हैं।
सुबह 11 बजे तीसरी मंजिल पर चल रहे टीकाकरण पंजीयन के लिए किशोरों की कतार लगी थी। यहां पिता के साथ मौजूद यथार्थ भीड़ देखकर सहमा फिर बोला यहीं पर लगेगी वैक्सीन।
यह कहकर खुद टेबल के पास बैठी महिला कर्मचारी के पास जाकर आधार कार्ड दिया और वैक्सीन लगवाने का आग्रह किया। पहले तो सुई देखकर वह सहमा फिर शर्ट उठाकर बोला, यहीं पर लगा दो।
उसने वैक्सीन लगवाई और मुस्कुरा कर चल गया। वैक्सीन लगवाकर निकले यथार्थ से पूछा कि क्या करने आए थे, तो उसने झट से जवाब दिया कि कोरोना वैक्सीन लगवाने आए थे।
वैक्सीन लगवाने के फायदे के बारे में पूछने पर बताया कि कोरोना से सुरक्षा होगी। इससे हमारे फेफड़ों में कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं पहुंचेगा। पिता ने बताया कि यथार्थ को स्कूल में वैक्सीन की जानकारी मिली थी, तो जिद कर खुद ऑनलाइन स्लॉट बुक कराया।
इसी तरह शहर के मोहल्ला आजादनगर निवासी स्वाती सिंह वैक्सीन लगवाने पहुंची। उसने कोचिंग से आकर कोविड वैैक्सीन लगवाई। बिना डरे बेझिझक कहा कि वैैक्सीन लगवाने अकेले आई हूं।
ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारी ने कहा कि बच्चे कोविड वैक्सीन लगवाने आते हैं तो सिरिंज देखकर डरते हैं, वैक्सीन लगवानेे के बाद दर्द भूल मुस्कुराकर चले जातेे हैं।
खजांची टोला निवासी प्रशांत वैक्सीन लगवा रहे बच्चों को टकटकी बांधकर देख रहा था, जब उसका नंबर आया तो बिना डरे लगवा ली। इसी सेंटर पर वैक्सीन लगवाने आया माधव शांत था।
जब परिजनों को साथ लेकर गया, तो कर्मचारी ने कहा, डरते हो, तो हंसा और आंख बंद कर वैक्सीन लगवा ली। यहां आए बच्चों के मन मेें एक ही सवाल था कि वैक्सीन लगवाने पर बुखार आ जाएगा। इस पर कर्मचारियों ने बुखार आने पर पैैरासिटामाल टेबलेट खाने की सलाह दी।