माध्यमिक शिक्षा परिषद की उत्तर पुस्तिकाआें के
मूल्यांकन का पहले दिन से ही विरोध शुरू हो गया। पहले दिन तीनों केंद्रों
पर पांच सौ परीक्षकों ने उपस्थिति दर्ज कराई, पर विरोध से प्रशिक्षण की
प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। विभागीय अफसरों ने सभी मूल्यांकन केंद्रों पर
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
ज्ञात हो कि माध्यमिक शिक्षा
परिषद की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य सोमवार से शुरू होना था।
इसके लिए जिले के तीन स्कूलों जीआईसी को इंटर उत्तर पुस्तिकाओं का
मूल्यांकन करने केे लिए केंद्र बनाया गया है। यहां पर 1145 परीक्षक और 115
प्रधान परीक्षकों को लगाया गया है।
केंद्र पर 4,78,424 उत्तर पुस्तिकाओं को
मूल्यांकन होना है। पहले दिन यहां पर मात्र 184 परीक्षकों ने ही उपस्थिति
दर्ज कराई। विरोध से यहां पर प्रथम दिन परीक्षकों को प्रशिक्षण नहीं हुआ। बीएसए डा. बृजेश मिश्र ने राजकीय टीचरों के साथ बैठक कर
मूल्यांकन मेें विचार विमर्श किया और संगठनों के विरोध को देखते हुए कई
बिंदुओं पर चर्चा की।
उन्होंने सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात करने को एसपी
से वार्ता की। आरआर इंटर कालेज में अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, गृह
विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, प्रारंभिक गणित, कंप्यूटर की 1.50 लाख उत्तर
पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 435 परीक्षक व 44 प्रधान परीक्षकों द्वारा
मूल्यांकन कार्य किया जाना है।
यहां पर परीक्षकों की कुर्सियां खाली रहीं।
यहां पर 16 डीएचई और 168 परीक्षक उपस्थिति दर्ज कराके चले गए। पहले दिन
यहां पर भी प्रशिक्षण का कार्य नहीं हुआ। सनातन धर्म इंटर कालेज में 443
परीक्षक 1,58,649 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 44 प्रधान परीक्षकों की
देख रेख में होना है।
मूल्यांकन केंद्र पर पहले दिन 18 प्रधान परीक्षक और
165 परीक्षकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। यहां पर भी परीक्षक उपस्थिति दर्ज
कराके चलते बने। यहां पर भी प्रशिक्षण नहीं हो सका। शिक्षक संगठनों ने
टीचरों की मांगों को लेकर हर मूल्यांकन केंद्र पर विरोध प्रदर्शन किया।
सनातन धर्म इंटर कालेज में माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट के जिला मंत्री
ज्ञानेंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। यहां पर पांडेय गुट के
प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेश मित्तल ने भी विरोध दर्ज कराया। वहीं वित्त विहीन
शिक्षक संघ और माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के पदाधिकारियों ने
मूल्यांकन के विरोध में प्रदर्शन किया।