फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: अग्निशमन विभाग की एनओसी के बिना चल रही दोना पत्तल बनाने की फैक्टरी में लगी आग

विज्ञापन
फोटो-13- अग लगने के बाद फैक्टरी से उठता धुआं। संवाद
विज्ञापन
हरदोई। फायर विभाग के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बिना चल रही दोना पत्तल बनाने की फैक्टरी में शनिवार सुबह आग लग गई। आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। परिसर में रखे ऑक्सीजन सिलिंडरों में से एक के फट जाने के कारण तेज धमाका हो गया।
विज्ञापन

दीवार तोड़कर अंदर घुसे अग्निशमन कर्मियों और पुलिस कर्मियों ने लगभग 25 सिलिंडर निकालकर बाहर फेंक दिए। पांच घंटे की मशक्कत के बाद दमकल के तीन वाहनों ने आग पर काबू पाया। घटना देहात कोतवाली क्षेत्र के रामनगर में हुई। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।

शहर के रामदत्त चौराहा निवासी हिमांशु जायसवाल की दोना पत्तल बनाने की फैक्टरी रामनगर गांव में है। श्रीश्याम ट्रेडर्स के नाम से स्थित फैक्टरी में शनिवार सुबह अचानक आग लग गई। काले धुएं का गुबार और आग की लपटें उठतीं देख ग्रामीणों ने पहले यूपी 112 और फिर हिमांशु को घटना की जानकारी दी। आग लगने का पता चलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। दावा है कि इसी दौरान फैक्टरी के अंदर एक धमाका हुआ और फिर आग और ज्यादा भड़क गई।
विज्ञापन

इसी बीच देहात कोतवाल हरिनाथ यादव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी महेश प्रताप सिंह अपने मातहतों के साथ मौके पर पहुंच गए। पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सीएफओ महेश प्रताप सिंह ने बताया कि फैक्टरी के संचालकों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया था। बिना एनओसी ही इसका संचालन हो रहा था। इसको लेकर नोटिस भी जारी किया जा रहा है। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हुई है। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की संभावना है।

धमाके के बाद भड़की आग तो खाली कराया गया आसपास का इलाका
आग लगने के कुछ देर बाद फैक्टरी के अंदर तेज धमाका हुआ। आशंका और चर्चा यही है कि ऑक्सीजन सिलिंडर फटने से धमाका हुआ। इसके बाद आग भड़क गई तो फैक्टरी के आसपास स्थित मकानों और दुकानों को खाली करा लिया गया। पुलिस को यह भी आशंका थी कि आग और ज्यादा फैल सकती है लेकिन इसी बीच अंदर रखे ऑक्सीजन सिलिंडर बाहर निकाल लिए गए तो राहत की सांस ली गई।


दावा डेढ़ साल से बंद थी फैक्टरी, चलाने की कर रहे थे तैयारी
फैक्टरी के मालिक हिमांशु जायसवाल के भाई प्रियांशु का दावा है कि डेढ़ साल से फैक्टरी बंद थी। पिछले कुछ दिनों से फैक्टरी चलाने की तैयारी की जा रही थी। इसकी वजह से दो-चार लोगों का आवागमन बढ़ गया था। कुछ सामान भी काम शुरू करने के लिए लाया गया था। प्रियांशु के मुताबिक, छह-सात लाख रुपये का नुकसान घटना में हुआ है। इसके ठीक उलट ग्रामीणों का दावा है कि फैक्टरी में लगभग 40-50 लोग काम करते हैं। पिछले छह माह से फैक्टरी का संचालन हो रहा था।


फैक्टरी में पकड़ी जा चुकी है मीटर में रीमोट लगाकर बिजली चोरी
श्रीश्याम इंडस्ट्रीज में बिजली चोरी पकड़ी जा चुकी है। सात जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन की टीम ने फैक्टरी में छापा मारा था। सीतापुर जोन के तत्कालीन मुख्य अभियंता के नेतृत्व वाली टीम में हरदोई, सीतापुर और लखनऊ के अधिकारी इस टीम में शामिल थे। टीम ने करीब तीन घंटे फैक्टरी में रहकर जांच की थी। बिजली चोरी की पुष्टि होने पर बिजली थाने में फैक्टरी मालिक हिमांशु के खिलाफ बिजली चोरी की प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। फैक्टरी में 200 किलोवाट का बिजली कनेक्शन था लेकिन मीटर को रिमोट से नियंत्रित कर बिजली चोरी की जा रही थी।

फोटो-13- अग लगने के बाद फैक्टरी से उठता धुआं। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें