हरदोई। जनता दर्शन, संपूर्ण समाधान दिवस और थाना दिवस में खेत की पैमाइश के लिए आने वाले शिकायती पत्रों को डीएम ने गंभीरता से लिया है।
समय से पैमाइश न होने से किसानों की परेशानी को देखते हुए राजस्व विभाग के लापरवाहों की जिम्मेदारी तय कर दी है। थाकबंदी के लिए शुल्क जमा करने के एक साल बाद तक पैमाइश न करने पर संबंधित राजस्व निरीक्षक के वेतन से 1,000 रुपये शुल्क वसूली और आवेदक को रुपया वापस किए जाने के निर्देश दिए हैं।
डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार शाम को स्वामी विवेकानंद सभागार में राजस्व और चकबंदी विभाग की बैठक की अध्यक्षता की।कहा कि धारा-24 में पैमाइश के मामलों में अनावश्यक देरी न की जाए। वादों के निस्तारण और आख्या स्पष्ट की जाए। अंश निर्धारण व सीमांकन में प्रत्येक स्तर पर सावधानी से जांच करें। सदर तहसील में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित पैमाइश के मामले पर राजस्व निरीक्षक अजय कुमार रस्तोगी के वेतन से आवेदन शुल्क 1,000 रुपये की वसूली कर आवेदक को वापस करने के निर्देश दिए।
तहसील शाहाबाद के राजस्व निरीक्षक इंद्रजीत शर्मा के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि राजस्व निरीक्षक गिरिजा शंकर वाजपेयी, संजय मिश्रा और आदेश कुमार को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। तहसील बिलग्राम के राजस्व निरीक्षक अशोक कुमार शुक्ला, हरिश्चंद्र और बिलग्राम से संडीला स्थानांतरित हरिओम को पैमाइश के मामले लंबित रखने प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। कहा कि पैमाइश के एक वर्ष से अधिक पुराने मामलों में वाद दायर होने की तिथि के बाद तैनात रहे सभी नायब तहसीलदारों को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाए।
पुराने मामलों में निस्तारण आख्या की जांच और 15 दिन का अभियान चलाकर पैमाइश के पुराने मामलों के निस्तारण किया जाए। एडीएम प्रियंका सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।