फोटो 34 : विकास भवन में किसान दिवस में मौजूद डीएम अनुनय झा, सीडीओ नेहा ब्याडवाल, किसान व अधिक
हरदोई। किसान संगठन के प्रतिनिधियों और किसानों ने बंद सहकारी समितियों और जर्जर बिजली लाइन और आपूर्ति का मुद्दा उठाया। मांग की कि सहकारी समितियों को चालू कराया जाए, ताकि किसानों को कृषि निवेश आसानी से मिलता रहे। डीएम अनुनय झा ने किसानों को समस्या समाधान के प्रति आश्वस्त किया।
विकास भवन में किसान दिवस की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने किसानों की बात सुनीं। अधिकारियों को समस्या समाधान और इसकी जानकारी दिए जाने के निर्देश दिए। किसानों को बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में नए विद्युत कनेक्शन लिए जाने पर पोल और उपभोक्ता के घर की दूरी 300 मीटर तक होने पर केबल निशुल्क मिलेगा। इसके लिए तय कनेक्शन शुल्क 5,000 से 8,000 रुपये जमा करना होगा। किसान परंपरागत खेती के साथ नवाचार और मूल्य संवर्धन पर काम अवश्य करें, जिससे उनके उत्पादन का अच्छा मूल्य प्राप्त हो सके।
उन्होंने एफपीओ का गठन पर जोर दिया और कहा कि एफपीओ अनुदान पर मूल्य संवर्धन के लिए प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करें। उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार लिंकेज कराएं।
विद्युत निगम के अभियंताओं को निर्देशित किया कि जर्जर तार और टूटे पोल तत्काल बदले जाएं। सिंचाई विभाग के अभियंता नहरों की पटरियों की मरम्मत त्वरित ढंग से कराएं। कुलाबा और नालों में टेल तक पर्याप्त पानी समय से पहुंचाना सुनिश्चित करें। सीडीओ नेहा ब्याडवाल ने कहा कि अधिकारी किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दें, समय से समाधान कराना प्राथमिकता में शामिल करें। उप निदेशक कृषि राजेश कुमार ने दलहनी और तिलहनी फसलों की खेती खरीफ किए जाने पर जोर दिया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक सहित अधिकारी, राज बहादुर सिंह, अशोक राठौर, नायब सिंह, प्रगट सिंह, रावेंद्र सिंह, रूपलाल कोरी, इंतियाज अली, प्रेम सागर आदि मौजूद रहे।