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Hardoi News: हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर किसान की मौत

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पाली। पाली थाना क्षेत्र के सेमरझाला गांव में छत के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर किसान की मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सवायजपुर सीएचसी प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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सेमरझाला गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह (48) खेती करते थे। उनके मकान के ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकली है। धर्मेंद्र के पुत्र अंकित के मुताबिक पिता खाना खाने के बाद बृहस्पतिवार रात लगभग साढ़े नौ बजे छत पर सोने गए थे। इस दौरान हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए।
शोर सुनकर परिजन ऊपर गए तो वह बिजली की लाइन में चिपके थे। किसी तरह उन्हें वहां से हटाकर सीएचसी सवायजपुर लाया गया। यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। परिवार में पत्नी रेनू, तीन पुत्र और एक पुत्री है। पाली के प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि सवायजपुर अस्पताल प्रशासन की सूचना पर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना को लेकर अवर अभियंता सरफराज अहमद ने बताया कि धर्मेंद्र ने हाईटेंशन लाइन पर सरिया मारी थी। इस कारण करंट लगा और उनकी मौत हो गई।
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पाली। पाली थाना क्षेत्र के सेमरझाला के ग्रामीण धर्मेंद्र की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत की घटना से दुखी तो हैं ही, आक्रोशित भी हैं। दरअसल, सेमरझाला गांव की आधे से ज्यादा आबादी हर वक्त खतरे के बीच रहती है।
आधा गांव ही हाईटेंशन लाइन के नीचे बसा है। सवायजपुर विद्युत उपकेंद्र के अलियापुर फीडर से सेमरझाला गांव में बिजली की आपूर्ति के लिए हाईटेंशन लाइन बनी है। हाईटेंशन लाइन के नीचे लगभग 50 मकान बने हुए हैं और इनमें तकरीबन 300 लोग रहते हैं। उक्त लाइन वर्ष 2्र007-08 में राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत बनाई गई थी।
मकानों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन निकले होने के सवाल पर अवर अभियंता सरफराज अहमद ने बताया कि ग्रामीणों ने हाईटेंशन लाइन के नीचे बाद में आवास बनाए हैं। यह आवास अवैध हैं, लेकिन ग्रामीणों के हित को देखते हुए यहां से हाईटेंशन लाइन हटाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण अगर नई लाइन डालने के लिए जमीन उपलब्ध करा दें तो प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया जाएगा।
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