- कंसल्टिंग इंजीनियर की कार्यप्रणाली पर जताई नाराजगी
- प्राथमिकता के लंबित कार्यों के निरीक्षण की भी स्थिति मांगी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांवों में कराए जाने वाले कार्यों में उच्चाधिकारियों से स्वीकृति न लेनी पड़े, इसके लिए एक ही काम के स्टीमेट को टुकड़ों में बनाया जा रहा है। टुकड़ों में बनाए जाने वाले स्टीमेट पर कोथावां के बीडीओ गिरवर प्रसाद ने नाराजगी जाहिर की है। कंसल्टिंग इंजीनियर से जवाब-तलब किया है। चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न होने पर कार्यवाही प्रस्तावित कर दी जाएगी।
विकास खंड कोथावां में कंसल्टिंग इंजीनियर अतुल वर्मा तैनात हैं। बीडीओ ने इनकी कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की और कहा है कि ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की मद के रुपये और एसएलडब्ल्यूएम के कामों के लिए स्टीमेट और मूल्यांकन की जानकारी ब्लॉक पर नहीं दी जा रही है। स्टीमेट के परीक्षण में स्पष्ट हुआ है कि एक ही काम की कार्ययोजना को टुकड़ों में बांटकर स्टीमेट बनाए जाते हैं। उच्चाधिकारियों से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति से बचने के लिए 5,00,000 रुपये से कम के स्टीमेट बनाए जा रहे हैं। यह स्थिति वित्तीय नियमों और शासन की व्यवस्था के विपरीत है।
बीडीओ ने कहा है कि प्राथमिकता के कामों में पंचायत घर का कायाकल्प, चारदीवारी, सामुदायिक शौचालय मरम्मत, रंगाई-पुताई, विद्यालयों का कायाकल्प, आरआरसी आदि के कामों की अनदेखी अन्य कामों का मेजरमेंट और भुगतान कराया जा रहा है। इससे प्राथमिकता के काम प्रभावित हो रहे हैं। कहा है कि प्राथमिकता के लंबित कार्यों के निरीक्षण की भी स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।