हरदोई। बिजली चोरी रोकने के भारी भरकम दावों के साथ लगाए गए स्मार्ट मीटर अब खुद सवालों के घेरे में हैं। पावर कॉरपोरेशन में जिन मीटरों को हाइटेक बताया गया था उनमें भी सेंध लग गई। खास बात यह है कि स्मार्ट मीटर मकान और वाणिज्यिक संस्थानों के बाहर सबके सामने लगा रहता है लेकिन इसके अंदर से ही बिजली चोरी का खेल हो गया। अब निगम ने कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया है।
जनपद में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य चल रहा है। अब तक एक लाख से अधिक बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। निगम का दावा था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली चोरी संभव नहीं होगी मगर ग्रामीण क्षेत्र तो दूर शहर में ही स्मार्ट मीटर में सेंध लगा दी गई। बुधवार को बिजली टीम की जांच में एसपी आवास तिराहे पर एक प्रतिष्ठान पर लगे दो स्मार्ट मीटर में बाईपास से चोरी होने की बात सामने आई थी। यहां बिजली स्मार्ट मीटर में न जाकर सीधे उपभोक्ता के बिजली उपकरणों तक पहुंच रही थी। दोनों ही स्मार्ट मीटर व्यवस्थित लगे थे और उन पर सील भी लगी मिली थी।
उपभोक्ताओं का कहना था कि मीटर लगाने वाले कर्मचारी ने उनको बिजली बिल से राहत देने की बात कही थी और उसी ने मीटर लगाया था। स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी का मामला प्रकाश में आने पर बिजली वितरण निगम में खलबली मच गई है। उपभोक्ताओं के खिलाफ तो बिजली चोरी की कार्रवाई कर दी गई मगर उसमें शामिल लोगों की अनदेखी कर दी गई जो विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रही है।
स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ नहीं हुई है, उसके कनेक्शन तार में बदलाव किया गया है। मीटर में सील लगी होने के बावजूद यह बदलाव जांच का विषय है। उसकी जांच की जा रही है। साथ ही स्मार्ट मीटर लगाने वाली कार्यदायी संस्था को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। -अमित राज चित्रवंशी, अधिशासी अभियंता, मीटर