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बड़े भाई ने छोटे को मारी तीन गोलिया, मौत

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पिता के कहने पर छोटे भाई की गोली मारकर हत्या
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- हरदोई में संडीला कोतवाली क्षेत्र में संपत्ति के विवाद में वारदात
- मृतक की पत्नी की तहरीर पर पूर्व प्रधान ससुर व जेठ पर हत्या की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
संडीला (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के मगरा अटसलिया गांव में सोमवार रात संपत्ति के विवाद में पिता के कहने पर बड़े भाई ने लाइसेंसी रिवाल्वर से तीन गोलियां मारकर छोटे भाई की हत्या कर दी। मृतक की पत्नी की तहरीर पर आरोपी ससुर और जेठ के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कोतवाली क्षेत्र के मगरा अटसलिया निवासी पूर्व प्रधान उदयप्रताप सिंह के दो पुत्रों आलोक सिंह उर्फ चंदन और शिवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ वंदन (30) के बीच पुश्तैनी संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। सोमवार रात पूर्व प्रधान उदयप्रताप सिंह बड़े पुत्र आलोक सिंह के साथ शराब के नशे में घर पहुंचे। इसी दौरान वहां मौजूद शिवेंद्र के साथ आलोक ने संपत्ति के बारे में बात की तो विवाद बढ़ गया। उदयप्रताप ने गुस्से में बड़े पुत्र से शिवेंद्र को गोली मारने को कहा। इस पर आलोक ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से शिवेंद्र को तीन गोलियां मार दीं। सीने पर गोली लगने से शिवेंद्र वहीं गिर गया। गोलियों की आवाज सुनकर शिवेंद्र की पत्नी नीशू दौड़ते हुए बाहर आई और शोर मचाया। इस दौरान आलोक पिता उदय के साथ भाग गया। पड़ोसियों की मदद से नीशू पति शिवेंद्र को लेकर संडीला के प्राइवेट अस्पताल पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाल जगदीश यादव ने बताया कि नीशू की तहरीर पर उदय प्रताप और भाई आलोक सिंह के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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फोटो 18 - शिवेंद्र की फाइल फोटो।
फोटो 19- संडीला पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद मृतक के परिचित और ससुराली। संवाद न्यूज एजेंसी
चार दशक तक रही प्रधानी, संपत्ति ने छीना पुत्र
- बड़े भाई ने की गोली मारकर हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
संडीला। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मगरा अटसलिया निवासी पूर्व प्रधान उदयप्रताप सिंह का इलाके में दबदबा रहा है। प्रधान पद पर वह लगभग चार दशक तक काबिज रहे। ग्रामीणों ने बताया कि 2010 के पंचायत चुनाव में उदयप्रताप प्रधान पद का चुनाव हार गए थे। उससे पहले 40 वर्ष तक उदयप्रताप ही प्रधान निर्वाचित होते रहे। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व प्रधान के दोनों पुत्रों के बीच पैतृक संपत्ति और राजनीतिक विरासत को लेकर भी आए दिन विवाद होता था। कोई यह नहीं जानता था कि विवाद इतना तूल पकड़ जाएगा कि सगा भाई ही भाई की हत्या कर देगा। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
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शिवेंद्र सिंह का विवाह 2014 में नीशू के साथ हुआ था। शिवेंद्र के एक पुत्र और एक पुत्री है। घटना के बाद नीशू बदहवास हो गई। बच्चे समझ ही नहीं पा रहे थे कि उनके सिर से पिता का साया उठ चुका है। घटना की सूचना पर नीशू के पिता अवधेश सिंह परिजनों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए।
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