किसान परंपरागत विधि को छोड़कर वैज्ञानिक विधि से खेती करें। खस, मशरूम, फल, फूल, सब्जी आदि का उत्पादन कर अधिक लाभ कमा सकते हैं।
खेती में वैज्ञानिक विधि का उपयोग करना पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सपने को साकार करने जैसा है। यह बात चौधरी चरण सिंह की जयंती पर आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम में जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कही।
बिलग्राम चुंगी स्थित संभागीय कृषि प्रदर्शन एवं परीक्षण केंद्र के परिसर में आयोजित किसान सम्मान दिवस में डीएम पुलकित खरे ने कहा कि प्रगतिशील किसान अपने क्षेत्र में अन्य किसानों को भी प्रेरणा दें। जैविक खादों का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करें।
खेती के साथ मवेशी पालन और मछली पालन पर भी डीएम ने जोर दिया। उन्होंने किसानों से कहा कि खेत में फसलों के अवशेष न जलाएं बल्कि तकनीकी कृषि यंत्रों का इस्तेमाल कर उसका निस्तारण करें और खाद के रूप में इस्तेमाल करें।
सीडीओ निधि गुप्ता वत्स ने किसानों से कहा कि कृषि संबंधी गोष्ठी और मेलों में अवश्य प्रतिभाग करना चाहिए। इसमें कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव मिलते हैं, जिससे खेती में लाभ होता है।
उपनिदेशक कृषि डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र ने डीएम और सीडीओ का आभार जताते हुए कहा कि जनपद में पढ़े-लिखे नौजवान भी खेती की तरफ वापसी कर रहे हैं। डीएम ने इस मौके पर खेती में अग्रणी भूमिका निभाने और पैदावार बढ़ाने वाले 100 किसानों को भी सम्मानित किया।
इस दौरान जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार साहू, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक वीरेंद्र नाथ शुक्ला, कृषि वैज्ञानिक आदि मौजूद रहे।
जागरुकता पंफलेट भी किए गए वितरित
किसान सम्मान दिवस के दौरान कार्यक्रम में आए लोगों को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जानकारी देने वाले पम्फलेट भी वितरित किए गए।