रमजानुल मुबारक जैसे-जैसे अपने आखिरी अशरे की ओर कदम
बढ़ा रहा है, ईद की आहट से बाजार गुलजार होते जा रहे हैं। अब जबकि ईद को
मात्र एक दिन ही शेष हैं, ईद की तैयारियां चरम पर पहुंच रही हैं। अबकी
बाजारों में रेडीमेड कपड़ों की दुकानोें पर खासी भीड़भाड़ हो रही है। ईद के
पकवान की दुकानें भी सज कर तैयार हैं।
ईद-उल-फितर अबकी चांद निकलने पर
18 या फिर 19 जुलाई को मनाई जाएगी। ईद को बाकी बचे एक से दो दिनों के बीच
लोग तमाम तैयारियां मुकम्मल करने को बाजारों का रुख कर रहे हैं। ईद-उल-फितर
के बारे में कहा गया कि यह अल्लाह की ओर से रोजेदारों के लिए ईनाम है।
अल्लाह की ओर से दिए गए ईनाम के इस दिन की खुशियां मनाने को मुसलिम समाज
खास कर औरतें और बच्चे कोई कोर कसर बाकी रखना नहीं चाह रहे हैं। हेयर सैलून
पर भी लाइनें लगी हैं। सूटबूट के लिए बच्चों की टोलियां भी मां-बाप के साथ
बाजार के चक्कर लगा रही हैं।
दुकानदारों के अनुसार पिछले वर्ष की अपेक्षा
बार खरीद फरोख्त कुछ हल्की हुई है। बच्चों में जींस टी-शर्ट का क्रेज है
तो महिलाओं में धारावाहिक और फिल्मी सूट के साथ चूड़ियों मिलाने का जुनून
भी दिखाई दे रहा है। अब जबकि रमजान अपने आखिरी हिस्से में है इबादतों का
जोर तेज हो गया है।
जहन्नुम से आजादी के इस तीसरे और अंतिम अशरे में
लैलतुलक कद्र में रात जाग कर गुनाहों पर माफी का दौर चला। साथ ही अन्य
इबादतों से अल्लाह को राजी करने की कोशिशें जारी हैं। रमजान की बरकतेें
जुदा होने के गम में इबादतगुजार बड़े बुजुर्गों के चेहरों पर मुबारक माह की
जुदाई का गम भी साफ झलक रहा है।
कहीं एतकाफ के दौरान तो कहीं दूसरी
इबादतों के बीच रोजेदारों को सिसकियां भर कर माफी मांगते देखा जा सकता है।
घरोें पर महिलाएं भी रमजान के शेष दिनोें की बरकतें लूटने को इबादतों के
साथ दुआओं की कसरत कर रही हैं।