फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hardoi News: खाद्य तेलों में फिर छाई महंगाई, बढ़ेगा रसोई का खर्च

विज्ञापन
फोटो-10- वंश अग्रवाल। संवाद
विज्ञापन
हरदोई। रूस और यूक्रेन में युद्ध फिर से तेज होने की वजह से एक बार फिर से खाद्य तेलों का संकट खड़ा हो गया है। सूरजमुखी तेल की आपूर्ति प्रभावित होने से मांग बढ़ने लगी है। इससे खाद्य तेलों की कीमतों में उछाल शुरू हो गया है। खाद्य तेलों में करीब 18 प्रतिशत तक महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में रसोई का बजट फिर बिगड़ने लगा है। सबसे अधिक असर मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ता नजर आ रहा है।
विज्ञापन


सावन माह की शुरुआत के साथ ही त्योहार और पर्वों का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में खाद्य तेलों में बढ़ती कीमतों ने लोगों के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी हैं। खाद्य तेल हर घर की रोजमर्रा की जरूरत है। इसके दाम बढ़ने से सीधे तौर पर घरेलू बजट पर असर पड़ता है। सरसों का तेल पहले से महंगा चल रहा है। इस बीच युद्ध के चलते सूरजमुखी के तेल की आवक प्रभावित होने से रिफाइंड तेलों में बढ़ोतरी होना शुरू हो गई है।
दुकानदार भास्कर गुप्ता ने बताया कि कुछ समय पहले तक जो सरसों तेल सोयाबीन और पाम तेल के मुकाबले सस्ता था, अब वह 15 से 25 रुपये प्रति किलो तक महंगा हो गया है। एक किलो सरसों तेल जो अभी तक 183 रुपये तक मिल जाता था अब 196 के करीब हो गया है। इसी प्रकार सूरजमुखी का तेल 159 रुपये से बढ़कर 188 रुपये तक पहुंच रहा है। सोयाबीन तेल भी 145 रुपये से बढ़कर 164 रुपये तक बढ़ने की संभावना है। मूंगफली का तेल भी 188 रुपये से 200 रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन




कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति लागत बढ़ने का असर खुदरा बाजार पर पड़ रहा है। यदि थोक बाजार में कीमतें कम नहीं हुईं तो आने वाले समय में खुदरा दामों में और इजाफा हो सकता है। -मोनू, व्यापारी


त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही मांग बढ़ गई है। बाजार में कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में खाद्य तेलों के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है। -वंश अग्रवाल, व्यापारी

फोटो-10- वंश अग्रवाल। संवाद

फोटो-10- वंश अग्रवाल। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें