जरूरतमंदों को अब आय, जाति, निवास आदि प्रमाणपत्रों के लिए तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शासन के निर्देश पर जिले मेें ई-डिस्ट्रिक योजना लागू होने के बाद ये सभी सुविधाएं आनलाइन कर दी गई हैं। इससे तहसीलों में मैनुअल वर्किंग बंद हो गई है।
जरूरतमंदों को लोकवाणी केंद्रों/सहज सेवा केन्द्रों के अलावा अन्य सेवा केंद्रों के माध्यम से आनलाइन आवेदन करना होता है और उसके बाद निर्धारित अवधि में उन्हीं केंद्रों से प्रमाणपत्र का प्रिंट आउट मिलता है। इस सुविधा के साथ ही अब घर बैठे भी लोग इन सुविधाओं को प्राप्त कर सकते हैं बशर्ते उनके पास अपना कंप्यूटर/लैपटाप/प्रिंटर और इंटरनेट होना चाहिए या फिर वो किसी इंटरनेट कैफे आदि के माध्यम से इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार ने विभिन्न सेवाओं के लिए आनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल/वेबसाइट पर सुविधा दी है जहां से लोग सीधे आवेदन कर उपलब्ध सुविधाओं को प्राप्त कर सकते हैं।
राष्ट्रीय सूचना एवं विज्ञान केंद्र के जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी अमित मिश्रा की मानें तो ई-डिस्ट्रिक योजना लागू होने से संभव हो रही इस आनलाइन व्यवस्था में कोई भी व्यक्ति डब्लू डब्लू डब्लू डाट यूपी आनलाइन डाट यूपी डाट एनआईसी डाट इन वेबसाइट से आनलाइन उपलब्ध सेवाओं के लिए आवेदन कर सकता है।
इसके लिए आवेदन करने वाले को इस साइट पर जाकर सिटीजन सर्विसेज लिंक पर क्लिक करना होगा और उसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदक को उपलब्ध सेवाओं के लिए सीधे आवेदन करते हुए उसके साथ लगने वाले आवेदन पत्र प्रारूप एवं आईडी/प्रमाणपत्र आदि की कापी स्कैन कर अटैच करनी होगी।
निर्धारित शुल्क का भुगतान अपने डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/ नेट बैंकिंग से करने के बाद आवेदन प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। इसके बाद जिस सेवा के लिए उसने आवेदन किया है, उसकी आनलाइन व्यवस्था में सारी प्रक्रिया पूरी होगी और निर्धारित समय में आवेदक की रजिस्टर्ड ई-मेल पर सेवा संबंधी प्रमाणपत्र/ सूचना आ जाएगी, जिसका प्रिंट निकालकर वह उसका उपयोग कर सकेगा।
जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी अमित मिश्रा कहते हैं कि जिले में ई-डिस्ट्रिक योजना लागू हो चुकी है और इस दिशा में लोकवाणी/सहज केंद्रों आदि के माध्यम से लोग सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं। डब्लू डब्लू डब्लू डाट यूपी आनलाइन डाट यूपी डाट एनआईसी डाट इन वेबसाइट के माध्यम से लोग सीधे घर बैठे भी इन सेवाओं को प्राप्त कर सकते हैं।
सदर तहसील के एसडीएम पप्पू गुप्ता ने बताया कि अब आय, जाति, निवास आदि सेवाओं के लिए सिर्फ आनलाइन आवेदन ही करना होता है। आनलाइन आने वाले आवेदनों को जांच एवं संबंधित कर्मचारियों की आख्या के बाद डिजिटल हस्ताक्षर कर संबंधित सेवा के प्रमाणपत्र उसी ई-मेल आईडी/सेवा केंद्र को भेज दिए जाते है जहां से आवेदन आते हैं। सेवा केंद्र/स्वयं ई-मेल पर आने वाले प्रमाणपत्र को प्रिंट कर प्रयोग कर सकता है।
डीएसओ कुमार निर्मलेन्दु ने बताया कि अभी आनलाइन राशनकार्ड दे पाना संभव नहीं है, फिर भी आनलाइन आवेदनों की जांच के बाद मैनुअल रूप में कार्ड दिए जा सकते हैं। खाद्य सुरक्षा सर्वे कार्य पूरा होने के बाद डाटा आनलाइन होते ही आवेदनों पर आनलाइन राशनकार्ड प्रिंट करा लेने की सुविधा/ई-सेवा केंद्रों आदि से मिल जाएगी।
जिलाधिकारी रमेश मिश्रा ने कहा कि ई-डिस्ट्रिक योजना लागू होने के बाद विभिन्न सेवाओं के लिए सिर्फ आनलाइन आवेदन की व्यवस्था है। इसके लिए समय सीमा भी निर्धारित है। अगर कहीं समय सीमा में आवेदनों का निस्तारण नहीं हो रहा है या अन्य समस्याएं हैं तो अवगत कराएं, समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आनलाइन सेवा ने विभिन्न सेवाओं को काफी सुविधाजनक बना दिया है।