फोटो-40- रोडवेज बस में बिना सीट बेल्ट के जाता चालक। संवाद
- परिवहन विभाग खुद नहीं जांचता कि चालक बेल्ट लगाए है या नहीं
- एक भी रोडवेज बस व चालक सीट बेल्ट को लेकर नहीं हुआ चालान
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। यातायात का पालन कराना सिर्फ आम जनता के लिए है। यातायात पुलिस हो या फिर संभागीय परिवहन विभाग आम जनता का चालान तो कर देती है, लेकिन सड़क पर नियमों का उल्लंघन कर दौड़ रहीं रोडवेज बसों का चालान नहीं होता है। रोडवेज बस में शायद ही कोई चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करता है। हर रूट पर बिना सीट बेल्ट लगाए चालक बस दौड़ाते नजर आते हैं। जिम्मेदार फिर भी आंखे मूंदे बैठे हैं।
जिले में परिवहन विभाग के बेड़े में 206 रोडवेज बसे हैं। इन रोडवेज बसों की स्टीयरिंग थामने वाले चालक यातायात नियमों का तनिक भी पालन नहीं करते हैं। रोडवेज बसाें में भले ही सीट बेल्ट लगी है लेकिन कोई चालक सीट बेल्ट का प्रयोग कर बस चलाता नजर नहीं आता है। सबसे खास बात तो यह है कि आम जनता को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने वाले यातायात पुलिस और संभागीय परिवहन विभाग के जिम्मेदार भी इस ओर बिलकुल ध्यान नहीं देते हैं। वहीं आम जनता को सीट बेल्ट न लगाने और हेलमेट का प्रयोग न करने पर चालान कर दिया जाता है। वहीं दूसरी ओर संभागीय परिवहन विभाग से मिली जानकारी की बात करें तो रोडवेज बसों के किसी भी चालक का चालान सीट बेल्ट को लेकर नहीं हुआ है। इतना ही नहीं रोडवेज की कई पुरानी बसों में तो सीट बेल्ट ही नहीं है और जिनमें लगी है वह भी जाम हैं। ऐसे में यातायात नियम का पालन कराने के लिए विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा भी लग रहा है।
चालक अपनी जेब से भरेगा जुर्माना
हरदोई। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक भुवनेश्वर कुमार का कहना है कि सभी रोडवेज चालकों को यातायात नियमों के अनुसार ही बस चलाने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करना किसी भी चालक का अधिकार नहीं है। अगर कोई चालक यातायात नियम का उल्लंघन करते पकड़ा जाएगा तो उसे अपनी जेब से ही जुर्माना भरना पड़ेगा। विभाग इसके लिए उत्तरदायी नहीं होगा।
वर्जन
यातायात नियमों का पालन सभी को करना है। रोडवेज बसों की भी चेकिंग की जाएगी और यदि कोई चालक नियम का उल्लंघन करते पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
अरविंद कुमार सिंह
एआरटीओ हरदोई