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Hardoi News: सपनों पर फिरा पानी, आंखों में आंसू और भविष्य पर सवाल

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फोटो-24- अमीमन अंसारी। स्रोत स्वयं
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हरदोई। चिकित्सा क्षेत्र में कॅरिअर बनाने का सपना संजोए लाखों युवाओं के हाथ मंगलवार को केवल मायूसी लगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से नीट की परीक्षा निरस्त किए जाने के फैसले ने परीक्षार्थियों को झकझोर कर रख दिया। महीनों की कड़ी मेहनत, रातों की नींद और माता-पिता की जमापूंजी सब कुछ एक झटके में दांव पर लग गया।
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शहर के छह परीक्षा केंद्रों पर तीन मई को नीट की परीक्षा हुई थी जिसमें जिले के 2,318 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के उपरांत परीक्षार्थियों ने प्रश्न पत्र अच्छा होने और मेरिट लिस्ट में शामिल होने की बात कही थी, उनका सपना था कि इस बार वह सफल होकर चिकित्सक का प्रशिक्षण प्राप्त करें। मगर एक बार फिर उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। इससे वह खासे निराश हैं।







सारे अरमान बिखर गए

गोपामऊ से शहर के 12 किलोमीटर की बाइक से यात्रा कर शहर के राजकीय इंटर कॉलेज में परीक्षा में शामिल होने वालीं अमीमन अंसारी ने बताया कि वह तेज धूप में परीक्षा देने आई थीं। परीक्षा के लिए वह काफी गंभीर रही मगर सारे अरमान बिखर गए।
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शहर की अनुष्का वर्मा, निवेदिता मिश्र ने बताया कि दिन-रात बस एक ही लक्ष्य था, डॉक्टर बनना। अब दोबारा वही किताबें, वही तनाव... यह केवल परीक्षा नहीं, हमारे धैर्य की परीक्षा है। बार-बार परीक्षा टलने या निरस्त होने से तैयारी की लय टूट जाती है। रिवीजन और मॉक टेस्ट के उस चरम स्तर को दोबारा हासिल करना बड़ी चुनौती होगा।



अभिभावक भी निराश-

शहर के आजादनगर निवासी अभिभावक अजय कुमार ने बताया कि परीक्षा निरस्त होने से केवल छात्र ही नहीं अभिभावक के भी हौसले टूटते हैं। कई परिवारों ने कर्ज लेकर बच्चों को कोचिंग कराई थी। हमें उम्मीद थी कि बेटा इस बार निकल जाएगा लेकिन अब फिर से शून्य से शुरुआत करनी होगी। आर्थिक और मानसिक, दोनों मोर्चों पर हम हार रहे हैं।

फोटो-24- अमीमन अंसारी। स्रोत स्वयं

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