बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों को देख
दिवंगत हुए किसानों को भारतीय कृषक दल के पदाधिकारियों व किसानों ने
शुक्रवार को कलक्ट्रेट में श्रद्धांजलि दी और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की
शांति को प्रार्थना की। इस दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी डीएम
को सौंप कार्रवाई की मांग की गई।
कलक्ट्रेट में शोकसभा से पूर्व हुए
धरने को संबोधित करते हुए भाकृद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित ने कहा
कि सरकार इन दिनों रोटी पर राजनीति कर रही है, पर यह समय किसानों को भूख से
मारने का नहीं है। आज अनाज संकट से किसान जूझ रहा है।
राशन की दुकानों पर
भी गेहूं, चावल, मिट्टी का तेल नहीं मिल रहा, बल्कि किसानों के साथ प्रशासन
भी छलावा कर रहा है। सरकारी नीतियां किसान हित में कारगर नहीं हैं। कहा कि
प्रदेश में किसानों को कृषि उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने की कोई
गारंटी नहीं है।
इसके बाद एक शोकसभा का आयोजन किया गया, जिसमें दिवंगत
किसानों की आत्माओं की शांति को ईश्वर से प्रार्थना की गई। इसके बाद
प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन डीएम रमेश मिश्र को सौंपकर
कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में सर्वे सही से कराने, बीमित राशि काटने
वाली बीमा कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करने, किसानों को पुनर्जीवन संचालनार्थ
ब्याज रहित फसली ऋण मुहैया कराने, मुआवजा बढ़ाकर 60 हजार रुपये प्रति
हेक्टेयर करने की मांग की गई।
इस मौके पर बुद्धि सागर, दिनेश चंद्र मिश्र,
मोहन सिंह, मुनेश्वर सिंह, राजेश्वरी देवी, शिशुपाल सिंह, मोहन, पार्वती
देवी, नन्ही देवी, संगीता, कुसुमा, गुड्डी, रामरानी, रामदुलारी, सोनिका
वर्मा आदि मौजूद थे।