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Hardoi News: चरित्र पर शंका में कथावाचक ने पत्नी को लाइसेंसी राइफल से मारी गोली, गंभीर

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फोटो-3-गोली लगने से घायल दुर्गेशवती। संवाद
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हरदोई। शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के मिश्रीपुर गांव में बृहस्पतिवार सुबह लगभग 9:30 बजे कथावाचक ने लाइसेंसी राइफल से पत्नी को गोली मार दी। पेट में गोली लगने से घायल हुई पत्नी को सीएचसी से मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ रेफर कर दिया गया। पुलिस ने लाइसेंसी राइफल कब्जे में ली है और आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस ने घरेलू विवाद में घटना होने का दावा किया है। बेटे का आरोप है कि मां के चरित्र पर शंका होने के कारण पिता ने गोली मारी है।
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मिश्रीपुर निवासी दुर्गेश प्रसाद एक चर्चित और विवादित धर्मगुरु का शिष्य है। दुर्गेश खुद भी घरों में जाकर पांडित्य कर्म करता है और कथा सुनाता है। परिवार में पत्नी दुर्गेशवती (48), तीन बेटे और एक बेटी है। सबसे बड़ा बेटा देवव्रत दिल्ली में नौकरी करता है। बृहस्पतिवार सुबह दुर्गेशवती घर में खाना बना रही थीं। इस दौरान दुर्गेश ने उनके चरित्र पर गलत टिप्पणी कर दी। इसको लेकर विवाद शुरू हो गया। इस विवाद से पहले ढाई बीघा खेत बेचने से रोकने पर भी विवाद हो चुका था।
इस सबके बीच दुर्गेश ने अपनी लाइसेंसी राइफल से दुर्गेशवती को गोली मार दी। पेट में गोली लगने से दुर्गेशवती वहीं गिर गईं। फायर की आवाज सुनकर बच्चे भी मौके पर पहुंच गए और कुछ ही देर में ग्रामीणों की भीड़ लग गई। कुछ जागरूक लोगों ने शाहाबाद कोतवाल अरविंद राय को घटना की जानकारी दी। इस पर वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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इस बीच दुर्गेशवती को सीएचसी शाहाबाद ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में हालत गंभीर बताते हुए ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। घटना के बाद से आरोपी पति की तलाश पुलिस कर रही है। घायल के छोटे बेटे हर्ष ने बताया कि पिता को मां के चरित्र पर शंका है जबकि ऐसी कोई बात नहीं है।
सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण ने बताया कि घरेलू विवाद में घटना हुई है। क्या विवाद हुआ था इसकी जांच की जा रही है। आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं।



40 बीघा खेत का मालिक है दुर्गेश, ढाई बीघा खेत बेचने की थी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक दुर्गेशवती अपने परिवार के भरण-पोषण की खूब चिंता रखती हैं। पति के गलत कार्याें पर भी वह असहमति से नहीं झिझकती थीं। दुर्गेश के पास लगभग 40 बीघा कृषि योग्य भूमि है। इसमें ढाई बीघा भूमि बेचने की तैयारी दुर्गेश ने कर ली थी। गांव में ही रहने वाले एक शिक्षक से सौदा अंतिम चरण पर था। शिक्षक साढ़े तीन लाख रुपये बीघे में जमीन देने को कह रहा था जबकि दुर्गेश पौने चार लाख रुपये प्रति बीघा मांग रहा था। बृहस्पतिवार सुबह दुर्गेशवती ने खेत बेचे जाने पर भी आपत्ति जताई थी।

फोटो-3-गोली लगने से घायल दुर्गेशवती। संवाद

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