हरदोई। तेज गति से ट्रेनों के संचालन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मुरादाबाद मंडल में आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली का विस्तार शुरू कर दिया गया है। इसके क्रम में हरदोई-लखनऊ रेलमार्ग पर करना और मसीत स्टेशन के बीच डबल सिग्नल प्रणाली की शुरुआत कर दी गई है। बृहस्पतिवार को आई तकनीकी टीम ने करना से मसीत स्टेशन के बीच डबल डिस्टेंट सिग्नल प्रणाली की कमीशनिंग कार्य को पूरा किया। इस तकनीकी के बाद ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और सुचारु होने की उम्मीद है।
मंडल रेल प्रबंधक विनीता श्रीवास्तव के निर्देश पर डबल डिस्टेंट सिग्नल प्रणाली की कमीशनिंग करने पहुंची संकेत और दूरसंचार टीम के उप मुख्य अभियंता सुनील कुमार ने प्रक्रिया को पूरा कराया। परियोजना के तहत करना स्टेशन, करना-मसीत इंटरमीडिएट ब्लॉक सेक्शन (आईबीएस) और मसीत स्टेशन पर सिग्नलिंग व्यवस्था में व्यापक तकनीकी बदलाव किए हैं। तीन नए ऑस्पेक्ट डिस्टेंट सिग्नल लगाए गए जबकि पहले से मौजूद दो ऑस्पेक्ट सिग्नलों को चार ऑस्पेक्ट प्रणाली में अपग्रेड किया गया। वहीं इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली में भी सुधार किए गए।
इससे संपूर्ण सिग्नलिंग नेटवर्क पहले से आधुनिक और प्रभावी बन गया है। उप मुख्य अभियंता ने बताया कि तकनीकी अपग्रेड होने से न केवल रेल परिचालन की सुरक्षा और भरोसा बढ़ेगा बल्कि भविष्य में अधिक गति से ट्रेनों का संचालन करना भी आसान होगा। इससे ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार आने के साथ यात्रियों को भी बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
ट्रेन की गति नियंत्रित करने का मिलेगा समय
डबल सिग्नल प्रणाली के अंतर्गत लोको पायलट को पहले से ही सिग्नलों के बारे में जानकारी हो सकेगी। इससे ट्रेन की गति नियंत्रित करने या फिर आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित ढंग से रोकने के लिए पर्याप्त समय और दूरी मिल सकेगी इससे दुर्घटना की आशंका कम हो जाएगी। यह प्रणाली विशेष रूप से उच्च गति वाली ट्रेनों के संचालन के लिए उपयोगी होती है।