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Hardoi News: कुदरत के जख्म पर सिस्टम ने छिड़का नमक, कब्र से खोदे शव के पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंचे फॉरेंसिक एक्सपर्ट

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हरदोई। बेहटागोकुल थानाक्षेत्र के महावीर राठौर को पहले कुदरत ने जख्म दिया और अब सिस्टम उनके जख्मों पर नमक डालने का काम कर रहा है। महावीर के जवान बेटे की मौत संदिग्ध हालात में बीते 10 जुलाई को हो गई थी। डीएम और एसपी से शिकायत करने पर 19 दिन बाद बुधवार को शव पोस्टमार्टम के लिए कब्र से खोदा गया। दो दिन बीतने को हैं लेकिन शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहा। वजह यह कि पैनल में शामिल एक चिकित्सक मौके पर नहीं पहुंचे।
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भम्मापुरवा निवासी नीरू (22) बेहटा गोकुल में सकाहा तिराहे के पास मिठाई की दुकान चलाते थे। 10 जुलाई की सुबह गले और पेट में जलन होने की बात नीरू ने परिजन को बताई थी। कुछ ही देर में उनकी हालत बिगड़ गई थी। इस पर परिजन शहर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। यहां कुछ ही देर में मौत हो गई थी। इस पर परिजन शव लेकर वापस घर चले गए थे। शव दफना दिया था। अंतिम संस्कार के दौरान ही परिजन की निगाह उसके नीले पड़ चुके नाखूनों पर गई तो संदेह गहरा गया।
इसके बाद पिता महावीर ने डीएम और एसपी से शव का पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई। दोनों अधिकारियों के निर्देश पर नायब तहसीलदार और प्रभारी निरीक्षक की मौजूदगी में बुधवार को शव निकाला गया। पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी होनी है और चिकित्सकों का पैनल भी गठित है।
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पैनल में डिप्टी सीएमओ डॉ. पंकज मिश्रा, पिहानी सीएचसी के सर्जन डॉ. राजेश सरोज, 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय के आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. देव ऋषी गुप्ता और मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. अमित शामिल हैं। बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। वजह यह कि डॉ. अमित पोस्टमार्टम करने के लिए पहुंचे ही नहीं।



ये तो गजब ही हो गया...पैनल में शामिल नाम और डॉक्टर को पता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी ने पूरे मामले पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. अमित से बात की। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस की परीक्षाएं चल रही हैं। उसी में व्यस्त हैं। पैनल में शामिल होने की जानकारी से उन्होंने इन्कार कर दिया। कहा कि कोई बताएगा या कोई सूचना देगा तभी तो पोस्टमार्टम करने जाएंगे। उधर, दूसरी ओर सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय का दावा है कि पैनल 28 जुलाई को ही गठित कर दिया गया था और इसकी प्रतिलिपि भी मेडिकल कॉलेज को भेज दी गई थी।
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