विकास खंड बिलग्राम से संबंधित ग्रामों से जंगली
गायों का प्रकोप कम कराने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में बैठे ग्रामीणों का
धरना प्रदर्शन ठिठुरन भरी ठंड के बावजूद चौथे दिन सोमवार को भी जारी रहा।
ग्रामीणों ने कहा कि वहां बिना न्याय के भुखमरी से अच्छा यहां ठंड से मर
जाना बेहतर है।
धरने के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि जंगली गायों की
प्रकोप के चलते किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों को
संबोधित करते हुए भारतीय किसान प्रगतिशील पार्टी अध्यक्ष राम प्रकाश
कठेरिया ने कहा कि विकास खंड बिलग्राम, सुरसा एवं सांडी के बीसों गांवों
में हजारों जंगली गायों का प्रकोप जारी है।
इन गायों द्वारा न सिर्फ फसलों
को पूरी तरह से तबाह किया जा रहा, बल्कि किसानों को भी गंभीर चोटें पहुंचाई
जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारिक तौर
पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे किसान अब धरना प्रदर्शन करने को बाध्य
हुए हैं। किसानों ने कहा कि यदि अब जल्द इस ओर किसानों व उनकी फसलों को
जंगली गायों से निजात न दिलाई गई तो किसान अब आत्महत्या करने को विवश
होंगे।
कहा कि धरना प्रदर्शन को चार दिन हो चुके हैं, पर अब
तक कोई न्याय नहीं मिला है। जब तक इस तरफ प्रशासनिक तौर पर ग्रामीणों को
न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। इस दौरान किसानों ने
जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही एक ज्ञापन भी सिटी मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर
सिंह को सौंपा।
दिए गए ज्ञापन में उक्त के अलावा जंगली जानवरों को वन विभाग
द्वारा पकड़वाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजने, जंगली गायों द्वारा नष्ट की
गई फसलों की क्षतिपूर्ति किसानों को दिलाने, जंगली गायों से सुरक्षा के लिए
पकड़वाकर गौ शालाओं में भिजवाने का प्रबंध कराने की मांगे भी शामिल हैं।
इस मौके पर विनोद सिंह, रिंकू कश्यप और रजनीश कुमार आदि ग्रामीण मौजूद थे।