हरदोई। कोरोना संकट के दौरान स्वास्थ्यकर्मी असली योद्धा बनकर हमारे बचाव की जंग लड़ रहे हैं। लोगों को बचाने के हर संभव प्रयास में लगे डॉक्टर अपने परिवार से दूर भले हों लेकिन सेवाभाव उन्हें इसकी कमी नहीं खलने देता। जिले में भी डॉक्टर्स इसी जजबे के साथ 24 घंटे ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। कहीं डॉक्टर दंपति अलग-अलग जगह लोगों की स्क्रीनिंग में जुटे हैं तो कहीं डॉक्टर पिता और पुत्र मरीजों की सेवा में लगे हैं। ये लोग अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना को हराने में जुटे हैं। इनके योगदान का हम आभार जताते हैं।
डॉक्टर दंपति घर-घर कर रहे स्क्रीनिंग
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अधीन मेडिकल ऑफीसर पद पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरियावां में तैनात डॉ. अर्चना अहिरवार के पति डॉ. रामनिवास भी आरबीएसके के तहत सुरसा में तैनात हैं। इन दिनों जनपद के संडीला और गोपामऊ कस्बे सील हैं। दोनों जगह घर-घर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इस कार्य में डॉक्टर दंपति भी जुटे हैं। इससे पहले बिलग्राम, पिहानी, पाली, सांडी में हुई थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान भी दोनों ने ड्यूटी की थी।
इस जोड़ी को सैल्यूट, दिन-रात कर रही ड्यूटी
शाहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष चिकित्सक के पद पर तैनात डॉ. सौरभ गुप्ता अपनी पत्नी डॉ. पारुल गुप्ता के साथ कोरोना संकट से बचाव में जुटे हैं। डॉ. पारुल गुप्ता भी शाहाबाद में आरबीएसके की टीम में है। डॉ. सौरभ और डॉ. पारुल की जोड़ी विभाग की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी मेहनत और ईमानदारी से कर रही है। जब थर्मल स्क्रीनिंग में दंपति की ड्यूटी लगी तो दोनों तन्मयता से कार्य में जुट गए।
मेहनत संग रंग ला रही इंसानियत
पिहानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक डॉ. शबा के पति डॉ. जुबैर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत पिहानी में तैनात हैं। डॉक्टर दंपति ने पिहानी में हुई थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान रात-दिन एक कर मेहनत की। अब भी लगातार स्क्रीनिंग कर रहीं स्वास्थ्य टीमों में डॉ. शबा और जुबैर शामिल हैं। पिहानी में एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव भी मिला था, जो कि अब स्वस्थ हो चुका है। डॉ. शबा और डॉ. जुबैर कहते हैं कि फर्ज से बढ़कर भी इंसानियत है।
आरबीएसके के तहत टड़ियावां में तैनात डॉक्टर पिता-पुत्री भी कोरोना से जंग में लगे हैं। डॉ. रामलखन गुप्ता और उनकी पुत्री डॉ. सुरुचि गुप्ता की ड्यूटी जनपद के अलग-अलग कस्बों और ग्रामीण इलाकों में चल रही स्क्रीनिंग में लगी है। पिता-पुत्री पूरी तन्मयता के साथ अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं। दोनों का कहना है कि फर्ज से बढ़कर कुछ भी नहीं। चिकित्सकों को हर मरीज की मदद करनी है। लोगों को पीड़ित होने से बचाना ही लक्ष्य है।
ईश्वर की कृपा से संकटकाल में सेवा कर पा रहे
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक रह चुके डॉ. आरके मिश्रा इन दिनों जिला अस्पताल में संविदा पर सेवाएं दे रहे हैं। वह बतौर नेत्र रोग विशेषज्ञ कोरोना से चल रही जंग में योगदान दे रहे हैं तो उनके पुत्र डॉ. मनु मिश्रा भी पीछे नहीं हैं। डॉ. मनु मिश्रा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में सुरसा के मेडिकल आफीसर हैं। वह भी थर्मल स्क्रीनिंग का कार्य कर रही टीम में शामिल हैं। पिता-पुत्र कहते हैं कि ईश्वर की कृपा है जो इस लायक बनाया कि इस संकटकाल में हम भी सेवा दे पा रहे हैं।