फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला अस्पताल में नहीं किया ऑपरेशन, निजी अस्पताल ले गए परिजन

विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। जिला महिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए आई महिला की टू नेट मशीन से हुई कोरोना जांच को डॉक्टरों ने मानने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने आरटीपीसीआर जांच के बाद ही ऑपरेशन की बात कही। इधर महिला की हालत नाजुक होते देख परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। तीमारदारों ने सीएमएस से ओटी डॉक्टर की शिकायत की है।
विज्ञापन

शहर के रद्धेपुरवा निवासी प्रियंका सिंह पत्नी जितेंद्र सिंह गर्भवती थीं। महिला अस्पताल से ही उनका परामर्श चल रहा था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन से प्रसव होने की बात कही थी। जितेंद्र ने बताया कि मंगलवार दोपहर प्रियंका को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। वह दो बजे अपनी पत्नी को लेकर महिला अस्पताल पहुंचे। बताया कि लेबर रूप में मौजूद स्टाफ ने उन्हें ट्रू नेट से कोरोना जांच कराने को भेज दिया। जहां उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इधर परिजनों ने ऑपरेशन के लिए ओटी डॉक्टर से संपर्क किया।
परिजनों के मुताबिक डॉक्टर ने आरटीपीसीआर जांच कराने की बात कही। जितेंद्र के मुताबिक आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट दो दिन बाद आती है। इधर महिला की तबीयत बिगड़ती जा रही थी। जिस पर परिजनों ने ट्रू-नेट जांच के बाद ऑपरेशन करने की गुहार लगाने लगे। इसके बावजूद डॉक्टरों ने एक न सुनी और चले गए।
विज्ञापन

इधर महिला की जान को खतरा देख परिजन आनन-फानन में उसे निजी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों के इस अमानवीय काम से तीमारदारों में रोष है। सीएमएस डॉ. रविंद्र सिंह ने बताया कि चिकित्सक ने ऐसा किया है तो गलत है। अगर ट्रू नेट मशीन में रिपोर्ट निगेटिव आती है तो ऑपरेशन करना चाहिए। तीमारदारों ने मौखिक शिकायत की थी, आज लिखित शिकायत करेंगे। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें