हरदोई। मेडिकल कॉलेज की जांच सुविधाओं की दशा बेहद खराब है। महंगी जांचों से बचने के लिए मरीज अस्पताल आता है, लेकिन यहां आने पर मायूसी ही हाथ लगती है। डिजिटल एक्सरे और सीटी स्कैन मशीन खराब हुए कई दिन बीत गए। हर बार सिर्फ तारीख मिलती है। जिलाधिकारी को भी 25 जून तक डिजिटल एक्सरे मशीन सुधरने की तारीख मिली थी, लेकिन स्थिति अभी भी वैसी है।
जिले के मरीजों को जांच में सहूलियत मिल सके, इसके लिए आधुनिक मशीनें लगवाई गईं। एक्सरे के लिए डिजिटल और बेहतर जांच के लिए सीटी स्कैन मशीन लगी है। मशीनें तो लग गईं, लेकिन उनके रखरखाव पर बिलकुल ध्यान नहीं दिया गया। स्थिति यह है कि आए दिन मशीनें खराब होती रहती हैं और खराब मशीन बनने में कई महीने बीत जाते हैं।
परेशान होकर मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर जाना पड़ता है। जहां जांच कराने में काफी धनराशि खर्च होती है और समय भी लगता है। वैसे तो डिजिटल एक्सरे मशीन खराब होने से मरीजों की पोर्टेबल मशीन से जांच हो रही है, लेकिन इससे मरीजों को फिल्म नहीं मिल रही है। जिलाधिकारी ने मशीन को लेकर प्राचार्य से पूछा भी था तो उन्होंने 25 जून का समय दिया था, लेकिन वह तारीख बीते पांच दिन हो गए, लेकिन मशीन नहीं बनी है। सीटी स्कैन मशीन की खराब एक्सरे ट्यूब भी आ चुकी है, लेकिन उसे भी नहीं बदला गया।
नमी का हवाला देकर नहीं बदली जा रही एक्सरे ट्यूब
हरदोई। सीटी स्कैन मशीन की एक्सरे ट्यूब खराब हो गई। लगभग एक माह पूरा होने को है और मशीन बंद है। हालांकि, मशीन को बनाने के लिए अभियंता आए और जांच कर गए। नई एक्सरे ट्यूब भी आने की बात कही जा रही है। इसके बाद भी अभी एक्सरे ट्यूब बदली नहीं गई। एक्सरे ट्यूब बदलने के लिए पिछले सप्ताह का शनिवार का दिन बताया गया था, लेकिन नमी का हवाला देकर वह काम भी नहीं हो रहा है। मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सीटी स्कैन मशीन का काम चल रहा है, उम्मीद है कि आज मशीन सही हो जाएगी। डिजिटल एक्सरे मशीन के लिए भी ऑर्डर दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक कार्यदायी संस्था क्यों नहीं आई। इसको लेकर पत्र भेजा गया है। कोशिश की जा रही है जल्द ही डिजिटल मशीन भी सही हो जाएगी। -डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज