फोटो-1-भूरज सेवा संस्थान परिसर में कुम्हारों को विद्युत चलित चाक वितरण के दौरान मंचासीन माटी कला ?
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प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में आम जनसहयोग से माटी कला को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। इससे माटी कला से जुड़े लोगों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध हो सके। भूरज सेवा संस्थान परिसर में कुम्हारों को इलेक्ट्रानिक चाक का वितरण करते हुए उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति ने उक्त बात कही।
उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले प्रदेश के 15 जिलों में कुम्हारों को विद्युत चलित चाक का वितरण नि:शुल्क कराया गया था। इसका आलम यह रहा कि अधिक से अधिक मिट्टी के बने ही गणेश लक्ष्मी की बिक्री हुई। कहा कि सरकार लगातार इस वर्ग को प्रोत्साहित कर रही है। आम जनमानस को भी इस कुम्हार वर्ग के उत्थान के लिए आगे आना होगा और मिट्टी के बर्तनों का अधिक से अधिक प्रयोग करना होगा।
जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी आनंद शुक्ला ने कहा कि जिले में इस समारोह में 35 चाक का वितरण किया गया। 30 ने समारोह के दौरान ही चाक प्राप्त की तो पांच ने बाद में प्राप्त कर लीं। उन्होंने सभी लाभार्थियों का इसका उचित प्रयोग करते हुए अपने जीवन स्तर को उठाने का कार्य करें।
इस मौके पर भूरज सेवा संस्थान के अशोक उपाध्याय आदि मौजूद रहे। वितरण समारोह में कुम्हारों को विद्युत चलित यंत्र, प्रमाण पत्र के साथ ही गणेश लक्ष्मी के साथ ही सांचों का भी वितरण किया गया। लाभार्थी धन्नूपुरवा निवासी रमेश कुमार का कहना है कि विद्युत चलित यंत्र से जीवन स्तर में कुछ न कुछ सुधार अवश्य होगा।
उन्हें खुशी है कि चाक से उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। लाभार्थी कसरावां के राधेश्याम का कहना है कि कुम्हारी कला से जुड़े लोगों को मिट्टी भी काफी अधिक दामों में उपलब्ध हो पाती है यदि उन्हें कम दामों पर मिट्टी मिले तो माटी कला को पंख लग सकते हैं।