सवायजपुर। चंदरसीपुर गांव में शुक्रवार की सुबह एक महिला ने कमरे में फंदा लगाकर जान देने का प्रयास किया। समय रहते उसके भतीजे ने घटना को देख लिया और शोर मचाया। परिजनों ने तुरंत महिला को फंदे से उतारा और सीएचसी ले गए। चिकित्सकों ने महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
महिला के पति बुद्धपाल ने बताया कि उनका बड़ा पुत्र अनूप (20) चार दिन पहले तालाब में डूबने से चल बसा था। इस घटना से अनूप की मां रामकली (40) सहित पूरा परिवार गमगीन था। शुक्रवार की सुबह जब बुद्धपाल खेत की ओर गए थे, तभी रामकली कमरे में चली गईं। कमरे में दरवाजा नहीं लगा होने के कारण उन्होंने दुपट्टे से फंदा लगाने की कोशिश की। इसी दौरान आंगन में आग ताप रहे भतीजे विनीत की नजर पड़ी। उसने शोर मचाकर परिजनों को सचेत किया।
ग्रामीणों के अनुसार, पुत्र की मौत के बाद से रामकली काफी परेशान और सदमे में थीं। यही वजह है कि उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार ने भी पुष्टि की है कि महिला अपने पुत्र की मृत्यु के बाद से मानसिक रूप से परेशान थी, जिसके कारण उसने यह प्रयास किया।