फोटो-05- मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लगी मरीजों की लंबी लाइन। संवाद
हरदोई। आसमान से बरसती आग का असर केवल आम जनजीवन पर ही नहीं बल्कि मशीनों पर भी पड़ने लगा है। मेडिकल कॉलेज में लगी एकमात्र डिजिटल एक्सरे मशीन भीषण गर्मी के कारण बार-बार जवाब दे रही है। कक्ष में कूलिंग सिस्टम सही ढंग से काम न करने के कारण मशीन दिन में कई बार बंद हो जाती है। ऐसे में दूर-दराज से आए सैकड़ों मरीजों के इलाज में बाधा उत्पन्न हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के एक्सरे रूम को ठंडा रखने के लिए वैसे तो एयर कंडीशनर लगा हुआ है लेकिन भीषण गर्मी और मरीजों के बार-बार अंदर बाहर करने की वजह से एसी भी ट्रिप कर रहा है। इससे कमरे का तापमान बढ़ जाता है। मशीन को ठंडी हवा न मिलने के कारण वह कुछ ही एक्सरे करने के बाद ओवरहीट होकर बंद हो जाती है। टेक्नीशियन को मशीन दोबारा चालू करना पड़ता है और इसमें समय लग जाता है।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी, ओपीडी और आईपीडी को मिलाकर रोजाना 300 मरीजों के एक्सरे होते हैं। इनमें तमाम ऐसे भी मरीज होते हैं जिनके अलग-अलग एंगल से एक्सरे करने पड़ते हैं। इससे एक्सरे की संख्या बढ़ जाती है। सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक मशीन पर लोड अधिक रहता है। इस दौरान मशीन बंद होने से मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। सीएमएस डॉ. चंद्र कुमार ने बताया कि गर्मी की वजह से डिजिटल मशीन के प्रोसेसर पर लोड बढ़ गया है। कूलिंग सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए टेक्नीशियनों को निर्देशित कर दिया गया है।