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Hardoi News: जिले में 2,599 अतिकुपोषित के बावजूद पोषण पुनर्वास केंद्र में सन्नाटा

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हरदोई। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग खुद कुपोषण का शिकार होता दिखाई दे रहा है। जिले में 25 सौ से अधिक अतिकुपोषित बच्चे होने के बावजूद पोषण पुनर्वास केंद्र में सन्नाटा पसरा है।
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बीते कई दिन से जिले की बाल विकास परियोजना कार्यालयों से अतिकुपोषित बच्चे नहीं भर्ती कराए गए हैं। वर्तमान में पोषण पुनर्वास केंद्र में महज एक बच्चा ही भर्ती है। उसे भी पोषण पुनर्वास केंद्र के स्टाफ ने बृहस्पतिवार शाम को बुलाया। जबकि संबंधित विभाग बच्चों को भर्ती कराने के प्रति बिल्कुल भी रूचि नहीं ले रहा है।
मातृ-शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों के अलावा गर्भवती-धात्री महिलाओं की देखभाल की जाती है। कार्यकर्ता शून्य से छह साल के अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित करती हैं। इनका इलाज स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र पर किया जाता है। 14 दिनों के लिए अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कर पोषण संबंधित आहार और नियमित देखभाल दी जाती है।
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इन पोषण पुनर्वास केंद्र पर अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती कराने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की है। इसके बावजूद भी पोषण पुनर्वास केंद्र इन दिनों खाली पड़ा हुआ है। बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 2,599 अतिकुपोषित बच्चे हैं। प्रत्येक परियोजना कार्यालय से बच्चों को भेजने के निर्देश हैं, फिर भी केंद्र पर बच्चे भर्ती न होने से जिम्मेदारों की रूचि को दर्शा रही है।


परियोजना कार्यालयों को दिया जा चुका है रोस्टर
हरदोई। पोषण पुनर्वास केंद्र पर बच्चों को भर्ती करने के संबंध में एक रोस्टर हर महीने अपडेट कर परियोजना कार्यालयों पर भेजा जाता है और सभी को निर्देशित किया जाता है कि वह समयानुसार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती कराएं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के आगे रोस्टर कोई मायने नहीं रखता है। इसका परिणाम है कि केंद्र में सन्नाटा पसरा है और बच्चे भर्ती नहीं कराए गए हैं।


भरावन के गुडुआ से भर्ती एक बच्चा
हरदोई। केंद्र पर बीते दो दिनों से एक भी बच्चा नहीं था, जिसको लेकर केंद्र के स्टाफ ने कई बार संपर्क भी किया, लेकिन बच्चे नहीं आए। इसके बाद केंद्र के स्टाफ ने भरावन के गुडुआ गांव से बच्चे ऋषभ को बुलाकर बृहस्पतिवार शाम को भर्ती कराया है। इससे अब फिलहाल एक बच्चा तो भर्ती हुआ है, जबकि केंद्र के 17 बेड खाली पड़े हुए हैं।


पोषण पुनर्वास केंद्र पर बच्चों को भर्ती कराने के लिए बाल विकास विभाग को सूचना कर दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही बच्चे आ जाएंगे। -डाॅ. शिवम गुप्ता, प्रभारी, पोषण पुनर्वास केंद्र
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