बेरोजगारी भत्ता योजना को सरकार ने अब बंद कर दिया और
तमाम बेरोजगारों को पंजीकरण के बाद भी लाभ नहीं मिल पाया, लेकिन बीते कुछ
दिनों से एक बार फिर सेवायोजन कार्यालय पर बेरोजगारी भत्ते को लेकर
गहमागहमी मची हुई थी।
भत्ते के लिए आवेदन की सूचना पाकर तमाम युवा
प्रतिदिन कार्यालय पहुंच रहे हैं, पर भ्रामक सूचना की जानकारी पाकर खाली
हाथ लौट रहे हैं। हालांकि, आनलाइन पंजीकरण की बात जरूर कही जा रही है। सूबे
की सरकार ने बेरोजगारों को भत्ता देने की शुरुआत भले ही उनको राहत देने को
की हो, पर भत्ता सभी बेरोजगारों के हाथों तक नहीं पहुंच पाया।
बेरोजगारी
भत्ता पाने वालों की कतार में शामिल होने के लिए 1,07,019 बेरोजगार युवक और
युवतियों के पंजीकरण हुुए, पर इनमें से आधे से अधिक लोगों को बेरोजगारी
भत्ता नहीं मिल पाया। ऐसे में बेरोजगारी भत्ते के लिए लोग अभी भी कवायद में
लगे हुए हैं, वहीं वहीं 31 मार्च 13 के बाद किए गए आवेदनों पर विचार भी
नहीं किया जा रहा।
पर, बीते कुछ दिनों से
बेरोजगारी भत्ते के आवेदन की भनक ने सेवायोजन कार्यालय पर गहमागहमी बढ़ा दी
है। किसी ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन भ्रामक सूचना फैला दी है ऐेसे
में प्रतिदिन सौ से दो सौ बेरोजगार आवेदन कराने को कार्यालय पर पहुंच जाते
हैं, पर जब वहां से योजना की बंद करने की जानकारी मिलती है तो लोग मायूस
होकर लौट जाते हैं।
जिला सेवायोजन अधिकारी विजय सुधाकर सिंह ने बताया कि
किसी वेबसाइट पर बेरोजगारी भत्ता संबंधी भ्रामक जानकारी दी गई है। हालांकि,
एक मई से सेवायोजन पोर्टल पर आनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कराई गई,
पर संभावना है कि उसे ही लोगों ने भत्ता आवेदन की प्रक्रिया को समझ लिया
है।