शासन द्वारा ग्रामीण जनता को उचित मूल्य पर अनाज,
मिट्टी का तेल मुहैया कराने को तहसील क्षेत्र में लगभग दो सौ उचित दर
विक्रेताओं की दुकानें हैं। भरखनी, हरपालपुर आंशिक, सांडी व बावन ब्लाकों
में संचालित इन दुकानों से प्रतिमाह सस्ते मूल्य पर चावल, गेहूं, चीनी व
मिट्टी का तेल कार्डधारकों को वितरित करने के निर्देश हैं।
इसके बाद
जिम्मेदारों की मनमानी से यह वस्तुएं प्रतिमाह नहीं मिल पा रही हैं। मिट्टी
का तेल तो कटियारी इलाके में कोटेदार तीसरे व चौथे माह ही बांटते हैं,
वहीं जनता द्वारा तहसील में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
उधर, तहसील में राशन की दुकानों के निलंबन व बहाली में चल रहे खेल से
कार्डधारक परेशान हैं।
एसडीएम नेे बीते नवंबर में जिगनी चौगवां के बाबूराम,
दघेला के नंदराम, माननगला की शीलारानी, बरसवन के प्रेम कुमार, दयालपुर की
रामप्यारी, बड़ागांव के रामसुरेश, मुर्वाशहाबुद्दीनपुर के रामऔतार की दुकान
निलंबित की थी, जिन्हें बीते 25 दिसंबर को एक साथ बिना जुर्माना के बहाल
कर दिया, वहीं काफी समय से रिक्त एक दर्जन राशन की दुकानों को अटैच में खेल
चल रहा है।
लखमापुर की दुकान पहले असमधा से संबद्ध थी। कोटेदार ने अनाज
और तेल उठान के रुपये भी जमा कर दिया, पर फिर लखमापुर को दहिरापुर से
संबद्ध कर दिया। जब कोटेदार को जानक ारी हुई तो वह तहसील आया, तब जाकर
दहिरापुर को हटाकर असमधा पुन जोड़ा गया। इधर काफी समय से खाली भरखनी ब्लाक
की लुदियापुर, लखमापुर, सेढ़ामऊ, हथौड़ा, दलेलपुर, कन्हारी, हरपालपुर की
नेवादा चौगवां, धनियामऊ, सांडी की शेखपुर, श्रीमऊ, घटकना, एड़ाभदार, चंदऊ
तिगांवा व बावन ब्लाक के सोनेपुर की राशन की दुकानों के चयन को बीडीओ को
पत्र लिख ग्राम पंचायतों में खुली बैठक करा प्रस्ताव तहसील में एक सप्ताह
में मांगे गए थे, पर लेनदेन में प्रस्ताव ब्लाक व तहसील के बीच फंसे हैं
तथा इन नई दुकानों का चयन नहीं हो पा रहा है।
उधर, तहसील के आपूर्ति
कार्यालय में आए दिन ताला लटका रहता है। पूर्ति निरीक्षक राकेश मिश्र व
लिपिक मान सिंह यादव यहां का कार्य मुख्यालय से निपटा रहे हैं, जबकि डीएम
ने तहसील स्तर पर भी राशन की फीडिंग के प्रपत्र जमा करने के निर्देश दिए
हैं। उधर, एसडीएम अशोक शुक्ला ने बताया कि डीएम के निर्देश पर शीत लहर के
प्रभाव को देखते हुए ग्रामीणों को उन्हीं के गांवों में राशन मिले, इसलिए
दुकानों को बहाल किया है।