हरदोई-बावन-सवायजपुर राजमार्ग पर लगभग चालीस करोड़
रुपये खर्च करने के बाद भी पीडब्ल्यूडी व ठेकेदारों की हीलाहवाली से
क्षतिग्रस्त पुलियों का निर्माण न करने व कई पुलियों की एप्रोच सड़क का
डामरीकरण न करने से वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
पीडब्ल्यूडी इकाई प्रथम ने हरदोई से सवायजपुर 32 किमी सड़क निर्माण
संस्थाओं को कार्य बांटकर करा दिया, पर इन कार्यदायी संस्थाओं द्वारा
लापरवाही बरतने से कई स्थानों पर सड़क में गड्ढे हो गए। जिन्हें आज तक नहीं
भराया गया है। हरदोई से सवायजपुर मार्ग पर न्योरादेव की पुलिया काफी
क्षतिग्रस्त है, जिसे विभाग ने दोनों ओर दीवार व रेलिंग बना जैसे तैसे बना
दी, पर इस पुलिया की छत काफी कमजोर है। कभी यहां हादसे से इनकार नहीं किया
जा सकता है। यहां बनाए ब्रेकर से वाहनों को निकलने में दिक्कतें होती हैं।
लोनार
सुखेता नाले के समीप सड़क दो जगह क्षतिग्रस्त होने के साथ यहां बीच सड़क
पर बनी ठोकर से बाइक आदि से दुर्घटना होने का डर बना रहता है। इसी तरह
महरेपुर में पुलिया नहीं बनाई गई है। दूसरी पुलिया एप्रोच का डामरीकरण नहीं
किया गया है। सिलवारी नहर पुलिया की एप्रोच में काफी गड्ढे हैं, जिसमें आए
दिन बड़े वाहन इसमें फं स जाते हैं, पर जिम्मेदार बेखबर हैं।
इस बाबत
पीडब्ल्यूडी इकाई प्रथम के अधिशासी अभियंता ने बताया कि बजट न मिलने से
पुलियों का निर्माण नहीं कराया जा सका व जल्द ही जो पुलिया तैयार हो चुकी
है। दोनों ओर एप्रोच मार्ग का डामरीकरण के निर्देश कार्यदायी संस्था को
देंगे।