हरदोई। बिजली चोरी और भारी लाइन लॉस से जूझ रहे विद्युत निगम ने डोर-टू-डोर (घर-घर) जांच अभियान शुरू कर दिया है। इससे बिजली चोरों और कटियाबाजों की नींद उड़ गई है। लाइन लॉस और ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए विभाग की टीमें अब दफ्तरों से निकलकर सीधे उपभोक्ताओं के दरवाजों पर दस्तक दे रही हैं।
शहर में वर्तमान में विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े मोमीनाबाद, वैटगंज, कौशलपुरी, रेलवे गंज फीडर सबसे अधिक लाइन लॉस में हैं। इन फीडरों पर लाइन लॉस 30 से 35 प्रतिशत तक पहुंच गया है। विभाग की ओर से अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों पर बिजली चोरी कम करने के लिए डोर-टू-डोर जांच अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत बुधवार को शहर के वाजपेयी चौराहा सहित अधिक लाइन लॉस वाले मोहल्लों में पूरे दिन डोर-टू-डोर चेकिंग अभियान चलाया गया था। इसमें कई उपभोक्ता कार्रवाई की जद में आ गए।
अभियान मुख्य रूप से उन इलाकों और फीडरों पर केंद्रित है जहां बिजली की खपत रिकॉर्ड तोड़ रही है लेकिन राजस्व (बिल) नाममात्र का आ रहा है। जांच के दौरान न सिर्फ सीधे कटिया डालने वाले पकड़े जा रहे हैं बल्कि स्वीकृत लोड से कई गुना अधिक बिजली का इस्तेमाल करने वाले वैध उपभोक्ताओं पर भी जुर्माना लगाया जा रहा है।
रात के अंधेरे और अलसुबह मारा जा रहा छापा
कार्रवाई से बचने के लिए अक्सर लोग दिन के समय अवैध कनेक्शन हटा लेते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग ने अपनी रणनीति बदली है। विभाग की विजिलेंस और तकनीकी टीमें देर रात और अल सुबह (तड़के तीन से पांच बजे के बीच) छापेमारी कर रही हैं। इस औचक कार्रवाई से अवैध रूप से एसी, हीटर और भारी उपकरण चलाने वाले उपभोक्ताओं में हड़कंप मचा है।
जिन फीडरों पर ओवरलोडिंग और लाइन लॉस का ग्राफ सबसे अधिक है उन्हें चिह्नित कर विशेष फोकस किया जा रहा है। चोरी पकड़े जाने पर किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड सदर