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Hardoi News: वायरल के साथ डेंगू का बढ़ा प्रकोप, ओपीडी में मरीजों का जोर

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हरदोई। मौसम में उतार चढ़ाव के साथ सर्दी-जुकाम एक बार फिर जोर पकड़े हुए है। वायरल व मलेरिया के रोगियों के साथ ही डेंगू के मरीज भी रोजाना आ रहे हैं।
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चिकित्सीय सलाह के बाद रोजाना बुखार की करीब दो सैकड़ा जांच हो रही हैं। इनमें डेंगू के संदिग्ध मरीजों की 160 से अधिक जांच की जा रही हैं। बुखार के मरीज प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। बच्चों और बुजुर्गों का खासकर ध्यान रखने की बात कही है।
दिन में धूप और रात में मौसम ठंडा होने से वायरल फीवर ने तो जोर पकड़ ही रखा है, डेंगू भी पांव पसार रहा है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में रोजाना 500 से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें सर्दी जुकाम के साथ बुखार की शिकायत वाले मरीज ज्यादा हैं। दिवाली के बाद खुले अस्पताल में सोमवार को ओपीडी में 436 मरीज बुखार क्लीनिक में चिकित्सीय परामर्श लेने पहुंचे, इनमें 232 मरीज बुखार से पीड़ित थे।
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इनमें 165 लोगों की डेंगू की जांच कराई गई। इसमें 10 मरीज डेंगू संक्रमित पाए गए। इसी प्रकार मंगलवार को ओपीडी में 538 मरीज ओपीडी में आए। इनमें 227 मरीज बुखार से पीड़ित थे, करीब 150 लोगों की डेंगू की जांच कराई गई। डेंगू की रिपोर्ट शाम तक या फिर बुधवार तक आएगी। चिकित्सक डॉ. विवेक वर्मा ने बताया कि कई दिन तक बुखार आने पर जांच कराएं। डेंगू का प्रकाेप भी बढ़ रहा है और दो से तीन मरीज रोज सामने आ रहे हैं।


जिले में 101 हुए डेंगू संक्रमित
हरदोई। डेंगू के बढ़ते मामले अब डराने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार डेंगू पर नियंत्रण की बात कर रहे हैं। वहीं, डेंगू के मामलों 100 के ऊपर निकल गए हैं। सोमवार को जांच रिपोर्ट आने के बाद जिले में डेंगू के 101 मामले अभी तक दर्ज हो चुके हैं। यह आंकड़े तो स्वास्थ्य विभाग के हैं, जबकि निजी अस्पतालों में भी मरीजों का तांता लगा हुआ है। इनमें भी डेंगू के मरीज भर्ती हैं। इनकी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई जानकारी नहीं ली जाती है, लेकिन मरीजों की संख्या में दिनों दिन इजाफा हो रहा है।


डेंगू से लखनऊ में एक युवक की मौत
हरदोई। विकास खंड बावन के गांव सकतपुर निवासी आशीष कुमार द्विवेदी ऊर्फ बबलू की लखनऊ के पीजीआई में मंगलवार को डेंगू से मौत हो गई। उनके चाचा अखिलेश द्विवेदी ने बताया कि कई दिनों से बुखार आने के कारण उन्हें हरदोई के एक प्राइवेट नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया था। वहां लगातार तबीयत खराब होती जा रही थी। जांच कराने पर एक बार 14 हजार प्लेटलेट्स और दूसरी जांच में सात हजार प्लेटलेट्स ही बचीं। आनन फानन सोमवार रात को लेकर उन्हें पीजीआई लेकर गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई।
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ये बरतें सावधानी
पूरी बांह के कपड़ें पहने, मच्छरदानी का प्रयोग करें।
पैरासिटामोल छोड़कर अन्य दवाओं का इस्तेमाल न करें।

प्लेटलेट्स 50 हजार से कम हों तो चिकित्सीय सलाह अवश्य लें।
घरों में कहीं भी पानी भरकर जमा न रहने दें।
सामान्य सर्दी-जुकाम होने पर भी सावधानी बरतें।

भीड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करें।



छत पर रखे पुराने बर्तन, ड्रम और कूलर में पानी जमा होना खतरनाक होता है, जिसके साथ ही डेंगू फैलाने वाले एडिस मच्छर पैदा होते हैं। इनके काटने से ही डेंगू फैलता है। -डाॅ. विवेक कुमार वर्मा, फिजिशियन, मेडिकल काॅलेज
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