भूगर्भ जल के गिरते स्तर पर काबू पाने को सीएम ने जल
बचाओ अभियान शुरू हुआ है, जिसमें तालाबों को खुदवाकर व गहरा कर जल संरक्षण
की रणनीति बनाई गई है। अभियान की समीक्षा सोमवार को डीएम ने विकास भवन में
करते हुए सांडी में दहर झील और नया गांव मुबारकपुर में सई नदी तक
झील का गहरीकरण कार्य कराने का निर्देश दिया।
डीएम रमेश मिश्र ने कहा
कि सभी एसडीएम एवं तहसीलदार राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज
भूमि का सत्यापन कराएं और देखें कि तालाब की स्थिति क्या है। जिला कृषि
अधिकारी को जिले में वर्षा के जल के बहाव स्थिति का विस्तृत विवरण पेश करने
के निर्देश भी दिए।
डीएम ने सिंचाई विभाग के अफसरों को निर्देश दिए कि
सांडी पक्षी विहार की दहर झील को गहरा कर गर्रा नदी से ड्रेन द्वारा जोड़ने
का प्रस्ताव तैयार किया जाए। वन विभाग के अफसरों को झील को गहरा करने के
चीफ वाइल्ड लाइन वार्डेन लखनऊ से वार्ता कर किसी अफसर को नामित कर उनकी
देखरेख में कार्य कराने की बात कही।
उन्होंने सई नदी तक झील का गहरीकरण
करवाकर सभी विकास खंडों पर उद्यान विभाग द्वारा जल संरक्षण के प्रोजेक्ट
बनाने के निर्देश दिए। किसानों को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करने और
सब्जियों व फलों की सिंचाई में जल के बचाव की जानकारी देने की बात कही। वन
विभाग को तालाब किनारे पौधरोपण के निर्देश भी दिए।
डीएम ने अफसरों को सीएम
की प्राथमिकता में शामिल योजना को रुचि लेकर कार्य करने व वर्षा जल को
संरक्षित कर भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम
सवायजपुर अविनाश कुमार, डीडीओ श्रीनिवास मिश्र, परियोजना निदेशक शंकर लाल
त्रिपाठी, एसडीएम पप्पू गुप्ता, एसडीएम बिलग्राम पीपी तिवारी आदि मौजूद थे।
उधर, ग्राम पंचायत स्तर पर लेखपाल व ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास
अधिकारी को मिलाकर एक संयुक्त समिति गठित की जाएगी। जिसका कार्य राजस्व
ग्राम के राजस्व अभिलेखों एवं स्थलीय सत्यापन पर तालाबों, पोखरों, झीलों व
अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों की सूची बनाकर बीडीओ को मुहैया कराई जाएगी।