हरदोई। बिजली सुधार के नाम पर जिले में हर साल करोड़ों खर्च हो रहे हैं। हर साल रखरखाव पर भी लाखों रुपये खपाए जाते हैं। बावजूद इसके जिले में सुचारू विद्युत आपूर्ति करना हमेशा चुनौती बना रहता है। अंधड़ चलते ही बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है। बीते दो दिन पहले आई आंधी के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति अभी तक सुधर नहीं पाई है, शहर में भी बिजली की आवाजाही बनी हुई है।
ऊर्जा निगम उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति का दावा करता है, लेकिन गर्मी शुरू होते ही निगम के यह दावे हवाई साबित हो जाते हैं। शहरों को छोड़ दें तो ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ताओं को बमुश्किल 12 घंटे भी लगातार बिजली नहीं मिल रही है। यह स्थित तब है जब बिजली विभाग विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए हर साल करोड़ों रुपये के प्रस्ताव तैयार करता है। जिले में रिवैंप योजना के तहत 203 करोड़ रुपये से काम कराए जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत 44.86 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहींं वर्ष 2025-26 में 50 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
इन रुपयों से ट्रांसफॉर्मर बदलने के साथ ही केबल, कई किलोमीटर एलटी लाइन, 11 केवी की लाइनों के साथ ही 33 केवी नई लाइनें बिछाई जा चुकी हैं। कई सब स्टेशनों में पैनल और स्विच गेयर आदि बदलने का काम भी किया गया है। गर्मी से पहले मरम्मत के नाम पर भी लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन हाल जस के तस हैं। शुक्रवार रात को आई आंधी के बाद सभी गांवों में बिजली नहीं आई। शहर में भी आवाजाही बनी हुई है।
चार घंटे गुल डॉ. भूरा रोड फीडर की आपूर्ति
हरदोई। आंधी के बाद से शहर की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है। सिनेमा रोड और नघेटा रोड की आपूर्ति शनिवार रात को नौ बजे के बाद सुचारू हुई। सांडी रोड उपकेंद्र का डॉ. भूरा रोड फीडर पर भी बिजली की आवाजाही लगातार बनी हुई है। शनिवार रात को कई बार बिजली आती जाती रही। वहीं, अन्य फीडर सुचारू ढंग से चलते रहे। रविवार सुबह को भी सुबह 6 बजे से 10 बजे तक चार घंटे फीडर की बिजली गुल रही। इससे लोगों को सुबह पेयजल के लिए भी परेशान होना पड़ा। पानी के मोटर न चलने की वजह से कई लोग सरकारी हैंडपंप से पानी भरते देखे गए। एसएसओ ने कंडक्टर जलने की वजह से आपूर्ति बंद होने के बारे में जानकारी दी।
नहीं उठता जिम्मेदारों का फोन
आंधी के बाद से शहर की बिजली व्यवस्था प्रभावित है। जिम्मेदारों ने फोन करने पर वह फोन नहीं उठाते हैं। सिनेमा रोड और नघेटा रोड की आपूर्ति रात को नौ बजे सुचारू हुई। इस बीच बिजली विभाग के सभी अधिकारियों को फोन लगाया गया, लेकिन किसी ने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा। इसी प्रकार सांडी रोड उपकेंद्र पर भी अवर अभियंता और अन्य कर्मियों को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने भी फोन उठाकर जानकारी नहीं दी। इससे लोगों को जानकारी करने के लिए उपकेंद्र तक दौड़ लगानी पड़ी।