खुलासा करते सीओ हरियावां श्यामाकांत त्रिपाठी व गिरफ्त में विमलेश कुमार त्रिवेदी।
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राज्य भंडारण निगम का चेयरमैन बनकर नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले गिरोह के सरगना को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनोवा में नीली बत्ती लगाकर घूमने वाला शातिर अब तक 30 लोगों से नौकरी लगवाने नाम पर 90 लाख रुपये ठग चुका है। पुलिस को अब उसके दूसरे साथी की तलाश है। मंगलवार को पुलिस आफिस में सीओ हरियावां श्यामकांत त्रिपाठी ने बताया कि टड़ियावां थाने के थमरवा गांव निवासी कमलेश कुमार ने कोतवाली देहात तहरीर दी थी।
इसमें बताया था कि महोलिया निवासी विजय अवस्थी और मझिला थाने के जलालपुर निवासी विमलेश कुमार त्रिवेेदी उत्तर प्रदेश भंडारण निगम में नौकरी दिलवाने के नाम पर एक रैकेट चला रहे हैं। फर्जी नियुक्त पत्र देकर वह लोगोें से तीन से पांच लाख तक वसूलते हैं। अब तक करीब 30 लोगों को शिकार बना चुके हैं। देहात कोतवाली पुलिस ने तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी तरह की तहरीर टड़ियावां थाना के ग्राम बरौली निवासी हरिश्चन्द्र ने दी थी। इसमें बताया अपनी लड़की की नौकरी लगवाने के लिए तीन लाख रुपये की ठगी का शिकार हो चुका है।
टड़ियावां पुलिस ने भी दोनों शातिर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। आनन फानन में इस मामले की जांच सीओ हरियावां का सौंपी गई। अभी जांच चल ही रही थी कि मंगलवार को पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि ठगी करने वाला विमलेश कुमार अपने गांव जलालपुर में है। कोतवाली पुलिस और टड़ियावां पुलिस ने संयुक्त रूप से दबिश देकर उसको गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार हुए विमलेश ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि उसने लोगों से 90 लाख रुपये की ठगी की है। इससे उसने एक मकान लखनऊ में एवं एक मकान अपने गांव में बनवाया है।
इसके अलावा दो इनोवा गाड़ी भी खरीदी हैं। इस पर नीली बत्ती लगाकर चला करता था। एसओ ने बताया कि इसका दूसरा साथी विजय अवस्थी अभी फरार है जिसको जल्द पकड़ लिया जाएगा। इस मौके पर सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान, कोतवाल हीरालाल चौरसिया, जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।