नहर में निमिष का शव खोजते गोताखोर।
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पिहानी। भाटनपुर गांव के गुड़ व्यापारी के बेटे निमिष गुप्ता की हत्या का दावा कर चार आरोपियों को जेल भेजने वाली पिहानी पुलिस अभी तक उसका शव नहर से बरामद नहीं कर पाई है। पांच दिन से नहर में लाश खोज रहे गोताखोरों को लाश से जुड़ा कोई सुबूत तक हाथ नहीं लगा है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेने और लाश को ठिकाने लगाने में इस्तेमाल की गई राहु़ल की बाइक को भी खोज रही है।
पिहानी कोतवाली के भाटनपुर गांव निवासी नरेश गुप्ता के पुत्र निमिष 23 दिसंबर की शाम को लापता हो गया था। 29 दिसंबर को एसपी राजीव मल्होत्रा ने उसकी हत्या होने का दावा किया। एसपी के अनुसार राहुल, सूरज और तुषार ने 23 दिसंबर को ही निमिष की हत्या कर उसकी लाश नहर में फेंक दी थी। अपहरण व हत्या की साजिश में अंकुर वाजपेयी भी शामिल था।
गोताखोर 27 से निमिष की लाश नहर में खोज नहीं पाए हैं। नहर में पानी बंद कराने के बाद रविवार को भी गोताखोरों ने दूल्हापुर पुल से लेहना पुल तक पूरी नहर छान मारी लेकिन न ही निमिष की लाश मिली और न ही कोई अन्य सुराग। गोताखोरों को नहर में पुराने कपड़े, जानवरों के शव और कुछ बोरियां जरूर मिलीं लेकिन उनका निमिष के शव से कोई संबंध नहीं है।
इससे नहर में शव होने की आशंका भी खत्म होती दिख रही है। राजनीतिक दबाव और जल्दबाजी में किया गया खुलासा अब पुलिस की किरकिरी कराने लगा है। अब कोतवाली पुलिस जेल भेजे गए आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। कोतवाल पवन त्रिवेदी ने बताया कि रविवार शाम तक न शव मिला और न ही शव से जुड़ा कोई अवशेष ही मिल पाया है।
कोतवाल का कहना है कि जांच में पता चला है कि लाश को ठिकाने लगाने में राहुल पांडेय की बाइक इस्तेमाल की गई। पुलिस उसकी बाइक की भी तलाश कर रही है। उन्होंने कहा कि लाश की तलाश के लिए अगर जरूरत पड़ी तो आरोपियों को रिमांड पर लिया जाएगा। कोतवाल का दावा है कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस के हाथ लगे सुबूत काफी हैं।